फोन और सोशल मीडिया बंद कर खुद की सुनी: मुश्किल दौर से उबरने पर सैमसन

Kolkata: India's Sanju Samson reacts after India won the ICC Men's T20 World Cup 2026 cricket match between India and West Indies, at the Eden Gardens, in Kolkata, West Bengal, Sunday, March 1, 2026. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI03_01_2026_001002B)

कोलकाता, 2 मार्च (पीटीआई): भारत के सलामी बल्लेबाज़ Sanju Samson ने कहा कि खराब दौर के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्होंने अपना फोन और सोशल मीडिया बंद कर दिया था। उसी दौर का अंत वेस्टइंडीज़ के खिलाफ ‘करो या मरो’ टी20 विश्व कप मुकाबले में मैच जिताऊ पारी के साथ हुआ।

सैमसन ने 50 गेंदों में 97 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और चार छक्के शामिल थे, और टीम को 196 रन के कठिन लक्ष्य तक पहुंचाया। यह सुपर आठ चरण का अहम मुकाबला था।

31 वर्षीय सैमसन को सुपर आठ के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद फिर से ओपनिंग स्लॉट में मौका दिया गया था, ताकि शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों की एकरूपता को तोड़ा जा सके।

मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में सैमसन ने कहा, “शॉट चयन ऐसी चीज़ थी जिस पर मैं लगातार काम कर रहा था। मैं ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे पता था कि इसी सेटअप के साथ मैं पहले अच्छा प्रदर्शन कर चुका हूं। इसलिए मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा, फोन बंद किया, सोशल मीडिया बंद किया और खुद की सुनी।”

उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि यह खास पारी एक बेहद अहम मुकाबले में आई।”

दरअसल, उस रात सैमसन अकेले दम पर लड़े, जबकि कप्तान Suryakumar Yadav (18) और तिलक वर्मा (27) से थोड़ा सहयोग मिला।

सैमसन ने स्वीकार किया, “यह थोड़ा मुश्किल लक्ष्य था। हमारी बल्लेबाज़ी क्षमता को देखते हुए मुझे लगा कि ईडन गार्डन्स में 190 के आसपास का लक्ष्य, खासकर ओस आने के बाद, आसान हो सकता है। लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से चुनौती बढ़ गई।”

उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो वहां मेरा अनुभव और भूमिका काम आई। मुझे अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन जब विकेट गिरते रहे तो मैंने महसूस किया कि मुझे अंत तक टिककर मैच खत्म करना होगा।”

अपने हालिया खराब प्रदर्शन, जिसमें न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ भी शामिल है, पर सैमसन ने कहा, “हमारी मानवीय प्रवृत्ति होती है कि हम पहले नकारात्मक सोचते हैं—‘क्या मैं कर पाऊंगा? शायद नहीं।’ जब भी मेरे मन में ऐसा विचार आता है, तो मैं उसे सकारात्मक सोच से बदलने की कोशिश करता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “न्यूज़ीलैंड सीरीज़ में मैं अच्छा प्रदर्शन कर टीम का हिस्सा बनना चाहता था, लेकिन चीजें ठीक नहीं रहीं। सौभाग्य से मुझे 10 दिन का अंतराल मिला। मैंने कोई मैच नहीं खेला। मैं सोचता रहा—‘संजू, क्या कमी रह गई? और क्या करना चाहिए?’ मैंने आत्ममंथन किया, अपनी तकनीक और बेस पर काम किया और फिर उसी पर वापस आया।”

कोलकाता की इस पारी का उनके लिए क्या महत्व है, इस पर सैमसन ने कहा, “भारत में सैकड़ों क्रिकेटर ऐसे दिन का सपना देखते हैं। मैंने भी सपना देखने की हिम्मत की। केरल के तिरुवनंतपुरम का एक लड़का देश के लिए खेलते हुए इतने अहम मैच में जीत दिलाने का सपना देखता है। मैंने सपना देखा और वह सच हुआ।”

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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