
नई दिल्ली, 5 फरवरी (पीटीआई) — केंद्र सरकार ने गुरुवार को नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के साथ राज्य के भीतर ‘फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी’ (FNTA) के गठन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वी नागालैंड के विकास के लिए हर संभव मदद करेगी और अपनी सभी जिम्मेदारियां निभाएगी।
शाह ने कहा, “एक-दो बिंदुओं को छोड़कर सभी मुद्दों का समाधान कर लिया गया है।”
उन्होंने बताया कि 2019 से अब तक पूर्वोत्तर में 12 महत्वपूर्ण समझौते किए जा चुके हैं।
गृह मंत्री ने कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार की यह परंपरा रही है कि जिन समझौतों पर हम हस्ताक्षर करते हैं, उन्हें लागू करने के लिए पूरी कोशिश करते हैं। मैं ईएनपीओ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार पूर्वी नागालैंड के विकास के लिए भरपूर सहायता देगी और अपनी जिम्मेदारियां भी पूरी करेगी।”
उन्होंने कहा कि नागालैंड सरकार और केंद्र सरकार को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए और हर राशि तय कर समय पर जारी की जाएगी। साथ ही FNTA की स्थापना से जुड़े प्रारंभिक खर्च केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वहन किए जाएंगे।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि यह समझौता “आपसी विश्वास को दर्शाता है, पूर्वी नागालैंड और पूरे राज्य की आकांक्षाओं को संबोधित करता है और विकास को हर व्यक्ति के द्वार तक पहुंचाने का प्रयास है।”
ईएनपीओ, जो राज्य के छह पूर्वी जिलों की आठ जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाला शीर्ष संगठन है, वर्ष 2010 से अलग राज्य की मांग कर रहा था और दशकों से उपेक्षा का आरोप लगा रहा था। बाद में संगठन ने फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के ढांचे के तहत सीमित स्वायत्तता के केंद्र के प्रस्ताव पर सहमति जताई। (पीटीआई)
