पेरिस, 14 अक्टूबर (AP) – फ्रांसीसी प्रधान मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने अपनी अस्थिर अल्पसंख्यक सरकार को तत्काल गिरने से बचाने के प्रयास में, सेवानिवृत्ति की आयु को 62 से बढ़ाकर 64 करने वाले विवादास्पद कानून को निलंबित (suspend) करने का प्रस्ताव दिया है।
निलंबन का प्रस्ताव और राजनीतिक संकट
- सेवानिवृत्ति आयु कानून: यह कानून, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रमुख नीति था, जिसे 2023 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बावजूद संसद में बिना मतदान के (विशेष संवैधानिक शक्ति का उपयोग करके) पारित किया गया था।
- लेकोर्नू का प्रस्ताव: प्रधान मंत्री लेकोर्नू ने मंगलवार को नेशनल असेंबली (National Assembly) में एक भाषण में कहा कि इस कानून को अगले राष्ट्रपति चुनाव तक रोक दिया जाएगा, जो 2027 में होने हैं।
- अविश्वास प्रस्ताव का खतरा: लेकोर्नू की सरकार को इस सप्ताह बाद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है, जो धुर-वामपंथी फ्रांस अनबोड (France Unbowed) और धुर-दक्षिणपंथी नेशनल रैली (National Rally) पार्टियों द्वारा लाया गया है।
- इन दोनों पार्टियों के पास सरकार को गिराने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं, लेकिन यदि सोशलिस्ट पार्टी (Socialist Party) उनके साथ मिल जाती है, तो प्रधान मंत्री को तुरंत हटाया जा सकता है।
- रियायत की आवश्यकता: अपनी सरकार को बचाने के लिए, लेकोर्नू को अपने राजनीतिक विरोधियों को रियायतें देनी होंगी, क्योंकि देश एक लंबे राजनीतिक संकट को समाप्त करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
राजनीतिक विरोध और विशेषज्ञ की राय
- विपक्षी मांग:
- सोशलिस्ट पार्टी कानून को पूरी तरह से रद्द करने की मांग कर रही है।
- नेशनल रैली मैक्रों से जल्द संसदीय चुनाव कराने का आग्रह कर रही है, जबकि फ्रांस अनबोड चाहती है कि मैक्रों इस्तीफा दें।
- अर्थशास्त्री का समर्थन: नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री फिलिप एग्हियन ने इस कानून को अगले राष्ट्रपति चुनाव तक निलंबित करने का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसा करने से “चीजों को शांत करने” का रास्ता मिलेगा और “इसे रोकने में ज्यादा खर्च नहीं आएगा।”
मैक्रों के लिए अंतिम मौका
- लेकोर्नू की पुनर्नियुक्ति: लेकोर्नू (जो पूर्व रक्षा मंत्री हैं और एक वर्ष में फ्रांस के चौथे प्रधान मंत्री हैं) की पुनर्नियुक्ति को व्यापक रूप से मैक्रों के दूसरे कार्यकाल को फिर से सक्रिय करने के लिए अंतिम मौका माना जा रहा है।
- राजनीतिक गतिरोध: मैक्रों के केंद्रवादी गुट के पास नेशनल असेंबली में बहुमत की कमी है, और पिछले साल नेशनल असेंबली को भंग करने के उनके आश्चर्यजनक निर्णय के परिणामस्वरूप एक खंडित संसद (hung parliament) और राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है।
- बढ़ती समस्याएँ: पिछले एक साल में, मैक्रों की अल्पसंख्यक सरकारें तेजी से गिरती रही हैं, जिससे फ्रांस गतिरोध में फंसा हुआ है। इस बीच, देश बढ़ती गरीबी दर और बढ़ते कर्ज संकट का सामना कर रहा है, जिसने बाजारों और यूरोपीय संघ के सहयोगियों को भी चिंतित कर दिया है।
इस राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए, क्या आपको लगता है कि 2027 तक इस विवादास्पद कानून को निलंबित करने का प्रस्ताव फ्रांसीसी सरकार के लिए पर्याप्त होगा, या यह केवल समस्या को टालना है?

