
मालदा, 3 दिसंबर (PTI) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्य में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) लागू करने की “साजिश” के पीछे हैं।
मालदा में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने SIR को एक “राजनीतिक रूप से प्रेरित अभ्यास बताया, जिसका उद्देश्य मतदाताओं को अस्थिर करना है।”
उन्होंने कहा, “बंगाल में चुनावों से ठीक पहले SIR लागू करने की यह साजिश अमित शाह की है। वह किसी भी कीमत पर बंगाल पर कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसका करारा जवाब मिलेगा।”
बनर्जी ने दावा किया कि BJP ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के राजनीतिक प्रभाव को गलत समझा। उन्होंने कहा, “SIR लागू करके BJP ने खुद की कब्र खुद ही खोद ली है। बंगाल और बिहार एक जैसे नहीं हैं।”
हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि TMC इस प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रही, लेकिन “इसे पूरा करने के लिए उचित समय देना जरूरी है। सिर्फ BJP के राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए इसे जल्दबाज़ी में नहीं किया जा सकता।”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 12 दिसंबर से TMC राज्यभर में ‘मे आई हेल्प यू’ कैंप लगाएगी ताकि इस महीने के अंत में शुरू होने वाली SIR सुनवाई के दौरान लोगों की मदद की जा सके।
BJP के वैचारिक रुख पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “हमें हिंदुत्व BJP से सीखने की आवश्यकता नहीं है।”
उन्होंने सुनेली खातून के मामले का भी जिक्र किया, जो गर्भवती थीं और जिन्हें अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ बांग्लादेश की ओर धकेल दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को खातून को वापस लाने के लिए कहा। हमने यह मामला अदालत में लड़ा।”
सीमा सुरक्षा बल की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, “सुनेली भारतीय थीं, तो फिर BSF ने गर्भवती महिला को बांग्लादेश क्यों धकेला? क्या सिर्फ इसलिए कि वह बंगाली हैं, उन्हें बांग्लादेशी बताकर सीमा पार भेज दिया गया?”
नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर अपने रुख को दोहराते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “जब तक मैं यहाँ हूँ, कोई भी बंगाली किसी डिटेंशन कैंप में नहीं भेजा जाएगा और न ही सीमा पार धकेला जाएगा।”
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