बचपन से ही शर्मीला था, सोचा नहीं था अंतरिक्ष जाऊंगा: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला

New Delhi: Group Captain Shubhanshu Shukla addresses the gathering during the felicitation ceremony of Gaganyatris, in New Delhi, Sunday, Aug. 24, 2025. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI08_24_2025_000095B)

नई दिल्ली, 24 अगस्त (पीटीआई) अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि वह एक “शर्मीले और संकोची” व्यक्ति के रूप में बड़े हुए और युवावस्था में उन्होंने कभी अंतरिक्ष में जाने का सपना नहीं देखा था।

भारतीय वायुसेना के एक कार्यक्रम में बोलते हुए शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा की कहानियाँ सुनी हैं, लेकिन अंतरिक्ष यात्रा का सपना उनके जीवन में जल्दी नहीं पनपा।

उन्होंने कहा, “मैं एक शर्मीले और संकोची व्यक्ति के रूप में बड़ा हुआ। हम बचपन में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा की कहानियाँ सुना करते थे।”

अंतरिक्ष यात्री ने हाल ही में संपन्न हुए एक्सिओम 4 मिशन का हिस्सा होने के अपने अनुभव को भी साझा किया, जिसने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाला पहला भारतीय बना दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जिन्होंने शुक्ला सहित चार गगनयान अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मानित किया, ने कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक “नए अध्याय” का प्रतीक है। पीटीआई केएनडी वीएन वीएन वीएन

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