
नई दिल्ली, 13 फरवरी (पीटीआई) — भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद के बजट सत्र के पहले चरण के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनका आचरण पूरे सत्र में “अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य” रहा।
यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांधी के इशारे पर कांग्रेस सदस्यों का सत्र के दौरान व्यवहार यह स्पष्ट करता है कि वह किसी भी “लोकतांत्रिक प्रक्रिया, लोकतांत्रिक शुचिता, संवैधानिक मर्यादा और सदन के नियमों” में विश्वास नहीं करते।
भाजपा सांसद ने कहा, “वह (राहुल गांधी) वही करेंगे जो उन्हें पसंद है… यह चिंता का विषय है कि राहुल गांधी का पूरा आचरण अब अराजक होता जा रहा है।”
प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांधी का “पूरा राजनीतिक आचरण” अब “अराजकता का प्रतीक” बनता जा रहा है और सत्र के दौरान उन्होंने “मानदंडों, संसदीय प्रक्रियाओं, संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं” का कोई सम्मान नहीं दिखाया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भाजपा राहुल गांधी के इस व्यापक अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा करती है।”
उन्होंने कहा, “गांधी अपनी क्षमता या प्रतिभा के बल पर लोकसभा में विपक्ष के नेता नहीं बने हैं। जब वह विपक्ष के नेता बन गए हैं, तो उन्हें थोड़ा सीखना चाहिए।”
बजट सत्र का पहला चरण, जिसमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण को लेकर तीखी बहस देखने को मिली, शुक्रवार को समाप्त हो गया। अब सदन की बैठक 9 मार्च को फिर से होगी।
सत्र का पहला भाग 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ था।
2 फरवरी की दोपहर के बाद लोकसभा में नाटकीय दृश्य और बार-बार स्थगन देखने को मिले, जब अध्यक्ष ने गांधी को 2020 के भारत-चीन संघर्ष से संबंधित नरवणे के संस्मरण के अंश उद्धृत करने की अनुमति नहीं दी।
आने वाले दिनों में सदन में जोरदार विरोध और हंगामे के दृश्य देखने को मिले, जिसके चलते अव्यवस्थित आचरण के कारण बजट सत्र के शेष भाग के लिए कांग्रेस के सात सांसदों और एक माकपा सदस्य को निलंबित कर दिया गया।
विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का नोटिस भी दिया।
