बजट सत्र में फिर उठेगा MGNREGA से VB-G RAM G अधिनियम में बदलाव का मुद्दा: संसदीय समिति

New Delhi: Congress leaders Jairam Ramesh, Saptagiri Ulaka, Bhupesh Baghel, Sachin Pilot and Charanjit Singh Channi address a press conference after the Congress Working Committee (CWC) meeting, in New Delhi, Friday, May 2, 2025. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI05_02_2025_000427B)

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (पीटीआई): संसद की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संबंधी स्थायी समिति ने सोमवार को यूपीए सरकार के कार्यकाल में लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के विभिन्न पहलुओं और इसे मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए VB-G RAM G अधिनियम में सुचारु रूप से बदलने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार, समिति के अधिकांश सदस्यों ने इस बात पर चिंता जताई कि अगले छह महीनों में MGNREGA से VB-G RAM G अधिनियम में संक्रमण कैसे होगा, इस दौरान लाभार्थियों को भुगतान किस तरह किया जाएगा और अतिरिक्त बजटीय सहायता की व्यवस्था कैसे होगी।

बैठक में किसी भी सदस्य ने VB-G RAM G अधिनियम का विरोध नहीं किया। हालांकि, कई सदस्यों ने यह चिंता जताई कि कई राज्यों में पुराने कानून के तहत पंजीकरण केवल लगभग 50 प्रतिशत ही रहा है।

सदस्यों ने यह भी कहा कि VB-G RAM G अधिनियम को पूरी तरह लागू करने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा, क्योंकि नियम बनाए जाने के बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि MGNREGA को वर्ष 2005 में कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार ने पारित किया था। वहीं, VB-G RAM G विधेयक हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के तीखे विरोध के बीच संसद से पारित हुआ। नए कानून में ग्रामीण श्रमिकों के लिए 125 दिनों के वेतनयुक्त रोजगार का प्रावधान है।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नई व्यवस्था और ढांचा कैसा होगा। सूत्रों के मुताबिक, कुछ विपक्षी सदस्यों ने स्वीकार किया कि MGNREGA में कुछ कमियां थीं, जिन पर समिति पहले भी सिफारिशें कर चुकी है।

कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि पहले उन्होंने कार्यदिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 करने का सुझाव दिया था। उन्होंने मांग की कि समिति की पूर्व सिफारिशों को VB-G RAM G अधिनियम के नियम बनाते समय शामिल किया जाए।

वहीं, भाजपा सांसदों ने कहा कि नया कानून जरूरी था क्योंकि मौजूदा कानून ग्रामीण क्षेत्रों की मौजूदा समस्याओं और बुनियादी ढांचे के विकास को ठीक से संबोधित नहीं कर पा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में MGNREGA के तहत आवंटित 50 प्रतिशत से भी कम राशि का उपयोग हो पाया।

समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता सप्तगिरि उलाका ने कहा कि सदस्यों ने MGNREGA के सभी पहलुओं और अगले छह महीनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि नए कानून के नियम बनने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा और सभी राज्यों को इसके लिए तैयार करना होगा।

उलाका ने कहा, “हमने अच्छा और विस्तृत विचार-विमर्श किया। नया कानून पारित हो चुका है, लेकिन नियम जारी होना बाकी है। आज की बैठक का उद्देश्य VB-G RAM G अधिनियम में सुचारु संक्रमण को लेकर था। कुछ सदस्यों ने सुझाव भी दिए हैं। समिति अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।”

बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव ने MGNREGA पर एक प्रस्तुति दी। इसके अनुसार, दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर देश के 741 जिलों और 2.69 लाख ग्राम पंचायतों में यह योजना लागू है, जिसमें 12.15 करोड़ सक्रिय श्रमिक शामिल हैं।

इनमें 57 प्रतिशत महिलाएं, 36 प्रतिशत अनुसूचित जाति/जनजाति के श्रमिक और 4.81 लाख दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं। वर्तमान में इस योजना के तहत 15 करोड़ से अधिक परिवारों और करीब 26 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया गया है। पीटीआई

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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