ढाका, 22 अक्टूबर (PTI) – बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने बुधवार को सेना के 15 सेवारत अधिकारियों को जेल भेज दिया। इन अधिकारियों को अपदस्थ प्रधान मंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के दौरान हुए जबरन गायब करने, हत्याओं और हिरासत में यातनाओं के आरोपों का सामना करने के लिए सैन्य हिरासत से अदालत में पेश किया गया था।
मामले का घटनाक्रम
- गिरफ्तारी का आदेश: विशेष न्यायाधिकरण ने कथित मानवाधिकारों के खिलाफ अपराधों के लिए 15 अधिकारियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया था, जिसके बाद बांग्लादेश सेना ने उन्हें 11 अक्टूबर को हिरासत में ले लिया था।
- जेल भेजने का आदेश: ICT-BD के मुख्य अभियोजक ताज़ुल इस्लाम ने कार्यवाही के बाद पत्रकारों को बताया, “न्यायाधिकरण ने जबरन गायब करने, हत्याओं और हिरासत में यातनाओं के संबंध में आज पेश किए गए 15 सेना अधिकारियों को जेल भेजने का आदेश दिया है।”
- अगली सुनवाई: न्यायाधिकरण ने कोई जमानत याचिका नहीं सुनी, यह देखते हुए कि जमानत याचिकाओं के लिए एक औपचारिक प्रक्रिया है और अधिकारी 5 नवंबर को निर्धारित अगली सुनवाई से पहले औपचारिक आवेदन दाखिल कर सकते हैं।
- फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश: न्यायमूर्ति एम গোলাম मुर्तुज़ा मोजुमदर की अध्यक्षता वाले न्यायाधिकरण ने “फरार” पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें अदालत में पेश करने का भी आदेश दिया।
- अधिकारियों की रैंक: अधिकारियों में एक मेजर जनरल, छह ब्रिगेडियर जनरल और कई कर्नल, लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर शामिल हैं।
सेना के अधिकारियों की पेशी और हिरासत
- पेशी: अधिकारियों को 8 अक्टूबर को गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद से ढाका छावनी में सैन्य हिरासत में रखा गया था। आज, जेल अधिकारियों द्वारा उन्हें कड़ी सुरक्षा के तहत हरे रंग की बस में लाया गया।
- सुरक्षा: दंगा-रोधी गियर में पुलिस और अर्धसैनिक बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की कड़ी सुरक्षा के तहत अधिकारी नागरिक कपड़ों में पेश हुए।
- उप-जेल: बाद में उन्हें जेल प्राधिकरण की निगरानी में छावनी के अंदर एक नामित “उप-जेल” भवन में वापस भेज दिया गया।
- रक्षा वकील: रक्षा वकील बैरिस्टर सरवर हुसैन ने बताया कि अधिकारी दो याचिकाएँ दायर करेंगे: एक जमानत की मांग करते हुए और दूसरी जमानत खारिज होने पर विशेष हिरासत में रखने का अनुरोध करते हुए।
राजनीतिक तनाव और सैन्य मनोबल
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: यह घटनाक्रम अगले साल फरवरी में अपेक्षित आम चुनावों से पहले बढ़े हुए राजनीतिक तनाव के बीच आया है। नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हसीना शासन के नेताओं पर मुकदमा चलाने के लिए ICT-BD कानून में संशोधन किया है।
- सैन्य मनोबल: संशोधित ICT-BD कानून के तहत सैन्य कानून के बजाय एक सिविल कोर्ट में सेवारत अधिकारियों पर मुकदमा चलाने से सशस्त्र बलों के भीतर असुविधा पैदा हो गई है। कई पूर्व सेना अधिकारियों और सुरक्षा विश्लेषकों ने राय दी है कि यह कदम सशस्त्र बलों के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।
- विपक्षी दल की चेतावनी: पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अंतरिम सरकार को सेना को नाराज करने वाले कदम उठाने के प्रति आगाह किया है।
- ICT-BD का इतिहास: ICT-BD की स्थापना 2010 में हसीना सरकार के दौरान 1971 के मुक्ति संग्राम में पाकिस्तानी सेना के सहयोगियों पर मुकदमा चलाने के लिए की गई थी। अब इस न्यायाधिकरण का उपयोग हसीना के कार्यकाल के दौरान किए गए कथित मानवाधिकार हनन पर मुकदमा चलाने के लिए किया जा रहा है।
अन्य घटनाक्रम
- फरार अधिकारी: 16वें अधिकारी, जो हसीना के पूर्व सैन्य सचिव थे, अभी भी फरार हैं, और उन्हें विदेश जाने से रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- अवामी लीग के नेता: अवामी लीग के अधिकांश वरिष्ठ नेता और पिछली सरकार की प्रमुख हस्तियाँ अब जेल में हैं या छिपी हुई हैं, जबकि पार्टी कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई के बावजूद ढाका और अन्य शहरों में संक्षिप्त विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
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