रायपुर, 20 दिसंबर (पीटीआई)बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने 16 से 20 दिसंबर तक यहां पैरा बैडमिंटन (ग्रासरूट) के लिए अपना पहला कोच डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया है, जो देश में इस खेल के विकास को सपोर्ट करने वाले कोचिंग फ्रेमवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पांच दिवसीय प्रोग्राम में पूरे भारत से कोचों को एक साथ लाया गया, जिन्हें पैरा-बैडमिंटन में लॉन्ग-टर्म क्षमता बनाने के मकसद से खास ट्रेनिंग दी गई।
यह कोर्स द्रोणाचार्य अवॉर्डी गौरव खन्ना, जो भारतीय पैरा-बैडमिंटन टीम के नेशनल हेड कोच हैं, के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है, और इसमें एक व्यापक करिकुलम है जो क्लासरूम सेशन को ऑन-कोर्ट प्रैक्टिकल मॉड्यूल के साथ जोड़ता है।
पार्टिसिपेंट्स को विकलांगता जागरूकता, पैरा-स्पोर्ट गवर्नेंस, क्लासिफिकेशन सिस्टम, सहायक उपकरण, कोचिंग मेथोडोलॉजी, मेडिकल सपोर्ट की ज़रूरतें और इवेंट ऑर्गनाइज़ेशन में ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे उन्हें इस डिसिप्लिन की पूरी समझ मिल सके।
भारत में पैरा-बैडमिंटन इस समय लगातार विकास के दौर से गुजर रहा है।
भारतीय शटलरों ने 2024 बीडब्ल्यूएफ पैरा-बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में 18 मेडल जीते। यही मोमेंटम पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी जारी रहा, जहां भारत ने पांच मेडल हासिल किए। पीटीआई टैप
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