बिट्टू को ‘गद्दार’ कहकर राहुल ने पूरे सिख समुदाय का अपमान किया: बीजेपी

PLS TAKE NOTE OF THIS PTI PICK OF THE DAY::: New Delhi: Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi shows a copy of the unpublished "memoir" of former Army chief M M Naravane during the Budget Session of Parliament, in New Delhi, Wednesday, Feb. 4, 2026. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI02_04_2026_000272B)(PTI02_04_2026_000338B)

नई दिल्ली, 4 फरवरी (पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहने को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस नेता ने अपने बयान से न सिर्फ बिट्टू का, बल्कि पूरे सिख समुदाय का अपमान किया है।

यहां बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के चार सिख नेताओं—जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल थे—ने आरोप लगाया कि गांधी की टिप्पणी उनके सोच और उनके परिवार की सिखों के प्रति गहरी जड़ें जमाए नफरत को दर्शाती है।

नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी से पूरा सिख समुदाय “आहत” है और वह उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।

यह विवाद तब सामने आया जब संसद परिसर में राहुल गांधी और बिट्टू—जो पूर्व में कांग्रेस में थे और अब बीजेपी में हैं—के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस द्वारा जारी वीडियो में गांधी को बिट्टू को “गद्दार” कहते हुए सुना गया, जबकि मंत्री ने पलटवार करते हुए उन्हें “देश के दुश्मन” कहा।

राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए पुरी ने कहा, “‘गद्दार’ शब्द को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह शब्द उस व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है जिसने अपने देश से गद्दारी की हो। यह सिख समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ने सिर्फ इसलिए बिट्टू को गद्दार कहा क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।

पुरी ने कहा, “रवनीत सिंह बिट्टू सिर्फ लुधियाना से सांसद नहीं हैं। वह उस सिख परिवार के सदस्य हैं जिसने देश की सेवा की है। उनके दादा—सरदार बेअंत सिंह—पंजाब के मुख्यमंत्री थे और उनकी हत्या कर दी गई थी। और आप उन्हें गद्दार कहते हैं—यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

उन्होंने जोड़ा, “सिर्फ इसलिए कि कोई पगड़ी पहनता है और आपकी पार्टी छोड़ देता है, आप उसे गद्दार कह देते हैं।”

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सिख भारत का सरदार है और देश से गद्दारी राहुल गांधी के परिवार ने की है। सिख सरदार, राहुल गांधी गद्दार।” उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने पीढ़ियों से सिखों को अपना दुश्मन माना है और समुदाय के प्रति “नफरत” पाली है।

सिरसा ने कहा, “आज उनके दिल की बात सामने आ गई। मैं राहुल गांधी की इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।”

स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार और 1984 के सिख विरोधी दंगों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए सिरसा ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान सिखों के “पवित्र स्थलों” पर हमला हुआ और समुदाय के लोगों को “जिंदा जला दिया गया।”

उन्होंने कहा, “उन्होंने हमें आतंकवादी घोषित करने के लिए अखबारों में विज्ञापन तक दिए। हमें लगा था कि 40 साल बाद उनकी सोच बदलेगी, लेकिन आज भी वही मानसिकता बनी हुई है।”

सिरसा ने कहा कि सिख एक वीर समुदाय है और उसके सदस्य देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने को हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दिल्ली बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि गांधी ने बिट्टू को गद्दार कहकर सिर्फ उनका ही नहीं, पूरे सिख समुदाय का अपमान किया है।

उन्होंने कहा, “आप उस व्यक्ति को गद्दार कहते हैं, जिसके दादा ने इस देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, और जो देश को तोड़ने की बात करते हैं, वे आपके प्रिय हैं—यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

लवली ने कहा कि समस्या यह है कि गांधी आज भी अपनी “शासक मानसिकता” से बाहर नहीं आ पाए हैं।

उन्होंने कहा, “सिख समुदाय उनकी इस टिप्पणी को कभी माफ नहीं करेगा। यह सिर्फ रवनीत सिंह बिट्टू का नहीं, बल्कि पूरे सिख समुदाय और उसके बलिदानों का अपमान है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और राहुल गांधी को इसके परिणाम भुगतने होंगे।”

लवली ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब गांधी ने सिखों का अपमान किया है।

उन्होंने कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह एक अच्छे व्यक्ति थे, लेकिन राहुल गांधी ने ही उनकी कैबिनेट द्वारा पारित विधेयक को फाड़कर उन्हें एक कमजोर प्रधानमंत्री के रूप में पेश किया।”

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने भी गांधी की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि सिखों के खिलाफ अत्याचार करना “उनके डीएनए में है।”