
पटना, 16 फरवरी (पीटीआई) बिहार विधानसभा में सोमवार को उस समय हंगामा देखने को मिला जब सत्तारूढ़ एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [एलजेपी (आरवी)] ने आरजेडी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं मुख्य विपक्षी दल ने वंचित जातियों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 85 प्रतिशत करने की मांग उठाई।
स्पीकर प्रेम कुमार ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली एलजेपी (आरवी) के विधायकों ने आरजेडी से माफी की मांग की। उनका आरोप था कि आरजेडी के एक सदस्य ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष के दिवंगत पिता रामविलास पासवान का अपमान किया है।
यह विवाद बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत द्वारा पिछले सप्ताह सदन में पासवान के संदर्भ में ‘बेचारा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर हुआ। कुमार सर्वजीत स्वयं दलित समुदाय से आते हैं।
रविवार को एलजेपी (आरवी) ने इस टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का पुतला भी फूंका।
हालांकि सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कुमार सर्वजीत ने कहा, “एलजेपी (आरवी) केंद्र की भाजपा-नीत सरकार द्वारा एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकारों पर हो रहे हमलों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। चिराग पासवान इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि अगर रामविलास पासवान जीवित होते तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।”
जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, एलजेपी (आरवी) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा, “आरजेडी सदस्य की टिप्पणी विपक्ष की दलित-विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। हम अपने वैचारिक पिता के अपमान पर माफी की मांग करते हैं।”
स्पीकर ने प्रश्नकाल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन शून्यकाल में एलजेपी (आरवी) ने फिर माफी की मांग उठाई। इसके जवाब में आरजेडी विधायकों ने 50 प्रतिशत की सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय सीमा को पार करते हुए वंचित जातियों के लिए आरक्षण 85 प्रतिशत करने की मांग वाले नारे लिखी तख्तियां लहराईं।
हंगामा बढ़ने पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।
