ब्राज़ील: लूला ने टैरिफ का किया विरोध, ट्रंप से कहा देश का लोकतंत्र ‘सौदेबाज़ी के लिए नहीं’

From left, Ecuador's Vice President Maria Jose Ping, Brazil's President Luiz Inacio Lula da Silva, Colombia's President Gustavo Petro, and Bolivia's President Luis Arce wave during a meeting of leaders of the Amazon Cooperation Treaty Organization in Bogota, Colombia, Friday, Aug. 22, 2025.AP/PTI(AP08_22_2025_000379B)

ब्रासीलिया, 15 सितम्बर (एपी) — ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने रविवार को अमेरिकी आयातों पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का कड़ा विरोध किया और कहा कि यह “राजनीतिक” और “अतार्किक” है। लूला ने न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखे एक लेख में कहा कि उनकी सरकार किसी भी ऐसे मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है जिससे आपसी लाभ हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया, “लेकिन ब्राज़ील का लोकतंत्र और संप्रभुता किसी भी सौदे का हिस्सा नहीं है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जुलाई में ब्राज़ील पर यह टैरिफ लगाया था, यह कहते हुए कि पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही जांच एक “विच हंट” (राजनीतिक प्रतिशोध) है।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की एक पीठ ने फैसला सुनाया कि 2022 में लूला से चुनावी हार के बाद बोल्सोनारो ने तख्तापलट की कोशिश की थी। इस फैसले ने अमेरिका की ओर से और कड़े कदम उठाए जाने की आशंकाएं बढ़ा दी हैं।

लूला ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर गर्व है क्योंकि उसका “ऐतिहासिक निर्णय” ब्राज़ील की संस्थाओं और कानून के शासन की रक्षा करता है और यह कोई “विच हंट” नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले कि उन्हें, उपराष्ट्रपति को और एक सुप्रीम कोर्ट जज को हत्या की साजिश रची गई थी।

लूला ने कहा कि टैरिफ बढ़ाना “न केवल ग़लत बल्कि अतार्किक” है। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले 15 वर्षों में अमेरिका ने ब्राज़ील के साथ वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार से 410 अरब अमेरिकी डॉलर का अधिशेष प्राप्त किया है।

यह लेख इस बात का संकेत है कि ब्राज़ील सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संभावित नए अमेरिकी प्रतिबंधों के लिए तैयार हो रहा है।

गुरुवार के फैसले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोशल मीडिया X पर कहा कि ट्रंप की सरकार “उचित प्रतिक्रिया देगी।” ब्राज़ील के विदेश मंत्रालय ने इसे अनुचित धमकी बताया और कहा कि ब्राज़ील की न्यायपालिका स्वतंत्र है और बोल्सोनारो को पूरा न्यायिक अवसर दिया गया।

रविवार को बोल्सोनारो ब्रासीलिया स्थित अपने घर से अस्थायी रूप से बाहर निकले और पास के डीएफ स्टार अस्पताल में त्वचा रोग से संबंधित इलाज के लिए पहुंचे। यह उनकी गुरुवार के फैसले के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी।

अस्पताल ने बयान में बताया कि चिकित्सकों ने उनकी आठ त्वचा गांठों को हटाया है जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। आगे इलाज की आवश्यकता इस रिपोर्ट से तय होगी।

70 वर्षीय दक्षिणपंथी नेता को अगस्त की शुरुआत से नजरबंद रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अलेक्जेंड्रे डी मोराइस ने कहा था कि बोल्सोनारो ने मुकदमे की शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्हें पहले से ही टखने पर इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटर पहनाया गया था।

बाद में मोराइस ने सुरक्षा और कड़ी कर दी तथा आदेश दिया कि पुलिस उनके घर से निकलने वाले हर वाहन की तलाशी ले और बाहरी हिस्से की निगरानी करे।

अस्पताल जाने के बाद बोल्सोनारो को सुप्रीम कोर्ट में प्रमाण-पत्र दाखिल करना होगा जिसमें उनकी विज़िट का समय और तारीख दर्ज हो।

उनके बेटे कार्लोस बोल्सोनारो ने सोशल मीडिया पर पुलिस के कड़े पहरे की आलोचना करते हुए लिखा कि यह “ब्राज़ील के इतिहास का सबसे बड़ा तमाशा” है।

अस्पताल पहुंचने पर कट्टर समर्थक “अब माफी दो!” (Amnesty Now!) के नारे लगाते दिखे। यह बोल्सोनारो के समर्थकों के कांग्रेस में माफी की मांग से जुड़ा है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का गुरुवार का फैसला तुरंत जेल की सज़ा का आदेश नहीं है। फैसले की लिखित प्रति 60 दिनों में जारी होगी और उसके बाद बोल्सोनारो की टीम के पास अपील दायर करने के लिए 5 दिन होंगे।

(AP) VN VN

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