दमिश्क (सीरिया), 4 जनवरी (एपी) ब्रिटेन और फ्रांस ने मध्य सीरिया में एक भूमिगत ठिकाने पर संयुक्त हवाई हमला किया है, जहां इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के सदस्यों द्वारा हथियार और विस्फोटक जमा किए जाने का संदेह है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शनिवार शाम को निर्देशित बमों का इस्तेमाल कर देश के होम्स प्रांत में ऐतिहासिक शहर पालमायरा के ठीक उत्तर में पहाड़ी इलाके में स्थित इस संरचना तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाया गया।
दोनों देश अमेरिका के नेतृत्व वाले उस गठबंधन का हिस्सा हैं, जो एक दशक से अधिक समय से आईएस आतंकियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि टाइफून एफजीआर4 लड़ाकू विमानों को वॉयेजर रिफ्यूलिंग टैंकर का समर्थन प्राप्त था और हमले में फ्रांसीसी विमान भी शामिल थे। बयान के अनुसार, पावेवे IV निर्देशित बमों से ठिकाने तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाया गया और शुरुआती संकेत बताते हैं कि लक्ष्य को “सफलतापूर्वक नष्ट किया गया।”
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि आईएस के “किसी भी पुनरुत्थान को कुचलने” के लिए ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा” रहने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “खतरनाक आतंकियों को खत्म करने के लिए किया गया यह अभियान, जो हमारी जीवनशैली के लिए खतरा हैं, यह दर्शाता है कि हमारी सशस्त्र सेनाएं पूरे साल तैयार रहती हैं—ताकि ब्रिटेन को देश के भीतर सुरक्षित और विदेशों में मजबूत रखा जा सके।”
फ्रांसीसी सेना ने रविवार को एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि ये हमले आईएस समूह के “पुनरुत्थान को रोकने” के उद्देश्य से किए गए, क्योंकि “आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई फ्रांस और उसके साझेदारों के लिए प्राथमिकता बनी हुई है।”
इन हमलों पर सीरिया सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सीरिया पिछले साल के अंत में आईएस-विरोधी गठबंधन में शामिल हुआ था।
हालांकि 2019 में सीरिया में आईएस को पराजित कर दिया गया था, लेकिन इसके स्लीपर सेल अब भी सीरिया और इराक में घातक हमले करते रहते हैं, जहां इस चरमपंथी संगठन ने कभी अपना तथाकथित खलीफात घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, आईएस के पास अब भी सीरिया और इराक में अपने पूर्व गढ़ों में 5,000 से 7,000 के बीच लड़ाके मौजूद हैं।
पिछले महीने, ट्रंप प्रशासन ने सीरिया में आईएस लड़ाकों और हथियार ठिकानों को “नष्ट करने” के लिए सैन्य हमले किए थे। ये हमले पालमायरा के पास हुए एक घात हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। (एपी) एसकेएस एसकेएस
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