नई दिल्ली, 30 जून (पीटीआई) — कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा का विकास मॉडल गरीबों, खासकर एससी, एसटी और ओबीसी बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनने के लिए बनाया गया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के स्क्रीनशॉट साझा किए। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2014-15 से 2023-24 के बीच सरकारी स्कूलों की संख्या 8 प्रतिशत घटी, जबकि निजी स्कूलों की संख्या 14.9 प्रतिशत बढ़ी। एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि 2023-24 में एससी छात्रों का नामांकन पिछले वर्ष की तुलना में 16.2 लाख घट गया, जबकि इसी अवधि में एसटी छात्रों का नामांकन 5.1 लाख और ओबीसी छात्रों का नामांकन 38.5 लाख कम हुआ।
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हिंदी में लिखा,
“भाजपा का विकास मॉडल गरीबों, खासकर एससी, एसटी और ओबीसी बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनने का मॉडल है।
उत्तर प्रदेश में 5,000 से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। 2014 से अब तक देशभर में 84,441 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिनमें से अधिकतर तीन भाजपा शासित राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और असम—में बंद हुए हैं।
यह सिर्फ स्कूल बंद करना नहीं है, बल्कि संविधान में दिए गए शिक्षा के अधिकार और यूपीए सरकार के ऐतिहासिक कानून पर सीधा हमला है, जिसने हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाया और नामांकन में ऐतिहासिक वृद्धि की।”
राहुल गांधी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा,
“बाबासाहेब अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा, लेकिन आज शिक्षा ही छीनी जा रही है।”
उन्होंने आगे कहा,
“छात्र और शिक्षक स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें परेशान कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को और कमजोर कर रही है, जबकि जरूरत इसे मजबूत करने और हर बच्चे को समान, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की है।”

