
लखनऊ, 8 फरवरी (पीटीआई): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता राज्य की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, MSMEs और श्रम-प्रधान उद्योगों को संरचनात्मक समर्थन प्रदान करेगा तथा निवेश और रोजगार के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा करेगा।
प्रस्तावित समझौते के तहत जारी टैरिफ संयुक्त बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व” का परिणाम है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करेगा और साथ ही किसानों के हितों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा करेगा।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार किया है। यह ढांचा भारतीय निर्यातकों और MSMEs के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करता है और साथ-साथ भारत के कृषि क्षेत्र, खाद्य सुरक्षा, किसानों के हितों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती की रक्षा करता है,” आदित्यनाथ ने एक बयान में कहा।
उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती देगा और महिलाओं एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
अधिकारियों ने कहा कि टैरिफ संयुक्त बयान ऐसे समय में उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण नीति संकेत देता है, जब राज्य सरकार श्रम-प्रधान उद्योगों, MSMEs और क्लस्टर-आधारित विनिर्माण को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
इस ढांचे के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को औसतन लगभग 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है, जबकि कुछ श्रेणियों में शून्य शुल्क होगा।
कपड़ा और परिधान पर टैरिफ में कमी तथा रेशम-आधारित उत्पादों को शून्य-शुल्क लाभ मिलने से राज्य के श्रम-प्रधान और क्लस्टर-आधारित क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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