
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 11 सितम्बर (पीटीआई): भारत में अमेरिका के राजदूत-नामित सर्जियो गोर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “सबसे भरोसेमंद सहयोगियों” में से एक हैं और उनका दिल्ली में नियुक्त होना भारत-अमेरिका संबंधों की “महत्वपूर्णता और प्राथमिकता” का प्रतीक माना जा रहा है, यह बात अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कही।
क्वात्रा ने एक्स (X) पर बुधवार को पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं स्वागत करता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक, @SergioGor को भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में भेज रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों की अहमियत और प्राथमिकता का प्रतीक है और यह दोनों देशों के बीच मित्रता के पुलों को मजबूत करने और रिश्तों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
गोर गुरुवार को वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के सामने अपने पुष्टि-श्रमण (confirmation hearing) में पेश होंगे ताकि वे “संयुक्त राज्य अमेरिका के भारत गणराज्य के लिए असाधारण और पूर्णाधिकारी राजदूत” बन सकें।
पिछले महीने ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की थी कि वे राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक (Director of Presidential Personnel) गोर को भारत में अगले अमेरिकी राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया मामलों के विशेष दूत के रूप में पदोन्नत कर रहे हैं।
ट्रंप ने गोर को “महान मित्र, जो वर्षों से मेरे साथ रहे हैं” बताते हुए कहा था कि, “दुनिया के सबसे जनसंख्या-बहुल क्षेत्र के लिए यह आवश्यक है कि मेरे पास कोई ऐसा व्यक्ति हो जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं, जो मेरे एजेंडे को आगे बढ़ाए और अमेरिका को फिर महान बनाने में मदद करे। सर्जियो एक अविश्वसनीय राजदूत साबित होंगे।”
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (USISPF) ने गोर का समर्थन करते हुए कहा कि वे “विशिष्ट क्षमताएं” लेकर आते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भारत-अमेरिका संबंध हाल के चुनौतियों और तनावों से गुजर रहे हैं। USISPF ने कहा, “गोर का अनुभव और राष्ट्रपति का विश्वास उन्हें वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक प्रभावी पुल बनाएगा। उनका द्वैत रोल (Ambassador और Special Envoy) एशिया में व्यापक रणनीति को आगे बढ़ाने की प्रशासन की दृढ़ता को दर्शाता है।”
USISPF ने जोर देते हुए कहा कि गोर की पुष्टि अमेरिका के “राष्ट्रीय हित में” है और यह नियुक्ति दोनों देशों के लिए अत्यधिक लाभकारी होगी। संगठन ने कहा कि यह नियुक्ति “विश्वास और सहयोग” को मजबूत करने के लिए अहम है।
भारत-अमेरिका संबंध हाल ही में शुल्क विवाद और दिल्ली की रूसी तेल की खरीद को लेकर दो दशकों से भी अधिक समय के सबसे खराब दौर से गुजरे हैं।
USISPF के अध्यक्ष एवं सीईओ मुकेश आघी ने सीनेट विदेश संबंध समिति के चेयरमैन जेम्स रिश और रैंकिंग सदस्य जीन शहीन को लिखे पत्र में कहा कि भारत-अमेरिका की “जीवन्त साझेदारी” इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
उन्होंने लिखा, “गोर की नियुक्ति अमेरिका की भारत के साथ संलग्नता को पुनर्जीवित करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अत्यावश्यक है। नई दिल्ली में लंबे समय से सीनेट-स्वीकृत राजदूत की कमी रही है और गोर जैसे योग्य राजनयिक से यह रिक्ति भरना दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करेगा।”
USISPF ने विश्वास जताया कि गोर आर्थिक, सुरक्षा और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों को और गहरा करेंगे।
USISPF ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत ने रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक स्वास्थ्य में साझा प्रयासों से एक मजबूत साझेदारी विकसित की है। नई दिल्ली में मजबूत नेतृत्व यह सुनिश्चित करेगा कि यह प्रगति जारी रहे और संवाद और प्रगाढ़ हो।”
पुष्टि होने के बाद 38 वर्षीय गोर भारत में अमेरिका के सबसे युवा राजदूत होंगे।
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