‘भारत आएं और चीता की अद्भुत शान देखें’: अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर पीएम मोदी का संदेश

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Sept. 29, 2025, Mukhi, the first Indian-born cheetah cub, turned two-and-a-half years old, at Kuno National Park (KNP), in Madhya Pradesh. (@byadavbjp/X via PTI Photo)(PTI09_29_2025_000434B)

नई दिल्ली, 4 दिसंबर (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि प्रोजेक्ट चीता भारत की खोई हुई पारिस्थितिक विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, और उन्होंने वन्यजीव प्रेमियों से भारत आकर चीता को उसकी पूर्ण भव्यता में देखने का आग्रह किया।

अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने “सभी वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षणवादियों को शुभकामनाएं दीं, जो दुनिया के सबसे अद्भुत जीवों में से एक—चीता—की रक्षा के लिए समर्पित हैं।”

मोदी ने कहा, “तीन वर्ष पहले, हमारी सरकार ने इस शानदार जीव की सुरक्षा और उस पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट चीता शुरू किया था, जिसमें यह वास्तव में पनप सकता है। यह हमारी खोई हुई पारिस्थितिक विरासत को पुनर्जीवित करने और जैव विविधता को मजबूत करने का भी प्रयास था।”

उन्होंने बताया कि भारत कई चीतों का घर होने पर गर्व करता है और इनमें से एक बड़ी संख्या भारत में ही पैदा हुई है।

कई चीते अब कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य में सफलतापूर्वक फल-फूल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह देखकर खुशी होती है कि चीता पर्यटन भी लोकप्रिय हो रहा है। मैं दुनिया भर के और अधिक वन्यजीव प्रेमियों से भारत आने और चीता को उसकी संपूर्ण भव्यता में देखने का आग्रह करता हूँ।”

उन्होंने कहा, “चीता संरक्षण में हमारी प्रगति केवल हमारे लोगों के सामूहिक समर्थन से ही संभव हुई है, विशेषकर हमारे समर्पित चीता मित्रों के निरंतर प्रयासों से।

वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीवन जीना भारत की सभ्यतागत भावना का हिस्सा है, और यह भावना आज इन प्रयासों में दिखाई देती है।”

अधिकारियों के अनुसार, भारत के चीता पुनर्वास प्रयासों ने जनसंख्या वृद्धि, आवास विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति के साथ एक आशाजनक चरण में प्रवेश किया है।

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में कुल 20 चीतों को पुनर्वासित किया गया — सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12।

अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों को इस परियोजना पर संदेह था, लेकिन ये सभी शंकाएं अब निराधार साबित हुई हैं।

दिसंबर 2025 तक भारत में 32 चीते हैं, जिनमें से 21 भारत में जन्मे शावक हैं।

हाल ही में भारत में जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ ने नवंबर 2025 में पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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