
भारत और कनाडा ने सोमवार को यूरेनियम आपूर्ति और महत्वपूर्ण खनिजों पर ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को इस वर्ष अंत तक पूरा करने का संकल्प लिया।
मुख्य समझौते
- भारत सरकार और Saskatoon स्थित Cameco के बीच 2.6 अरब डॉलर का करार हुआ, जिसमें 2027 से 2035 तक लगभग 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति होगी।
- महत्वपूर्ण खनिजों पर MoU से आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी; कनाडा के पास दुर्लभ मिट्टी तत्वों का बड़ा भंडार है।
- कुल 8 MoU पर हस्ताक्षर, जिनमें CEPA के लिए संदर्भ शर्तें, रक्षा, शिक्षा, AI, नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग शामिल हैं।
व्यापार लक्ष्य
दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर (कुछ स्रोतों में 70 अरब डॉलर) तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। वर्तमान व्यापार लगभग 13 अरब डॉलर है। मोदी ने कहा कि CEPA से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अन्य सहयोग क्षेत्र
- ऊर्जा साझेदारी: LNG, सौर, हाइड्रोजन, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर।
- सुरक्षा: आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा-पार अपराध पर सहयोग।
- शिक्षा: कनाडाई विश्वविद्यालय भारत में कैंपस खोलेंगे; AI, स्वास्थ्य, कृषि में साझेदारी।
- संबंध सुधार: 2023 के तनाव के बाद कार्नी सरकार ने रिश्तों को स्थिर बनाया।
