नई दिल्ली, 28 जून (पीटीआई) — रक्षा सचिव आर के सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि आतंकवाद से निपटने में भारत की ‘संयम’ की दशकों पुरानी नीति अब खत्म हो चुकी है और अब आतंकियों पर भारत अपनी पसंद के समय और स्थान पर कड़ी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकियों को “अपनी संपत्ति” मानता है और जब उन पर हमला होता है तो शोक मनाता है — हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी ढांचे पर भारतीय हमले के बाद कई पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के अंतिम संस्कार में शामिल होने का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा, “यह हमारे आकलन को सही साबित करता है कि ये लोग जानबूझकर भारत में सीमा पार आतंकवाद के लिए तैयार किए जाते हैं।”
रक्षा सचिव ने बताया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चली सैन्य टकराव के दौरान, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये हमले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारतीय हमलों में करीब 100 आतंकवादी और उनके सहयोगी मारे गए, साथ ही उनके मुख्यालय भी तबाह किए गए।
सिंह ने कहा कि अब भारत आतंकियों को समय और स्थान चुनने की छूट नहीं देगा। अगर वे भारत में किसी ‘सॉफ्ट टारगेट’ पर हमला करते हैं, तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि भारत जवाब देगा — लेकिन कब और कैसे, यह वे नहीं जान पाएंगे। “न्यूक्लियर अंब्रेला भी हमें रोक नहीं पाएगा,” उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू होगी, हमले सिर्फ आतंकियों के पैदल सैनिकों पर ही नहीं, बल्कि उनके मुख्यालय और नेताओं पर भी होंगे। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट नीति है कि अब ‘सरप्राइज़’ का तत्व सिर्फ उनके पास नहीं, हमारे पास भी रहेगा।
मई 2025 की सैन्य टकराव के बाद 10 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद संघर्षविराम लागू हुआ।
रक्षा सचिव ने दोहराया, “अब संयम की नीति खत्म हो चुकी है — हम आतंकियों को कड़ा जवाब देंगे, और कार्रवाई का स्तर हमारे नेतृत्व द्वारा तय होगा।”

