
नई दिल्ली, 30 जनवरी (पीटीआई) भारत अपने डेटा प्रणालियों को मजबूत कर और स्वतंत्र शोध को बढ़ावा देकर “गलत सूचना और पक्षपाती कथानकों का मुकाबला करने” के लिए प्रतिबद्ध है और जब भी आवश्यक हुआ है, नई दिल्ली ने “पूर्वाग्रही और प्रेरित कथानकों” को उजागर करने से संकोच नहीं किया है। यह जानकारी सरकार ने गुरुवार को संसद को दी।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने यह भी कहा कि वैश्विक सूचकांक और रैंकिंग बाहरी संगठनों द्वारा उनकी-अपनी कार्यप्रणालियों और डेटा स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती हैं।
उन्होंने कहा, “हालांकि ये अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के लिए कई संदर्भ बिंदुओं में से एक हो सकते हैं, लेकिन कूटनीतिक जुड़ाव और विदेशी निवेश प्रवाह कई कारकों से निर्देशित होते हैं, जिनमें व्यापक आर्थिक बुनियाद, बाजार का आकार, विकास की संभावनाएं, नीतिगत पहल और संस्थागत ढांचे शामिल हैं।”
विदेश मंत्रालय (एमईए) से यह पूछा गया था कि वैश्विक सूचकांकों और रैंकिंग से आकार लेने वाली अंतरराष्ट्रीय धारणाएं भारत के कूटनीतिक संबंधों और विदेशी निवेश को किस प्रकार प्रभावित करती हैं, तथा “निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित देशों के मूल्यांकन” को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक डेटा संगठनों से जुड़ने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
मार्गेरिटा ने कहा कि सरकार बहुपक्षीय संस्थानों और संगठनों के साथ “स्थापित परामर्शात्मक और तकनीकी तंत्रों” के माध्यम से संवाद करती है, ताकि भारत के डेटा, सुधारों और संस्थागत व्यवस्थाओं की सही समझ सुनिश्चित की जा सके और रैंकिंग “वस्तुनिष्ठ, अद्यतन और संदर्भानुकूल डेटा” पर आधारित हों।
उन्होंने कहा, “भारत अपने डेटा प्रणालियों को मजबूत कर, स्वतंत्र शोध को बढ़ावा देकर और अंतरराष्ट्रीय सूचकांक तैयार करने वालों के साथ रचनात्मक संवाद कर गलत सूचना और पक्षपाती कथानकों का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उसके शासन और विकास प्रगति का निष्पक्ष, साक्ष्य-आधारित आकलन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, जब भी आवश्यक हुआ है, सरकार ने पूर्वाग्रही और प्रेरित कथानकों को उजागर करने से संकोच नहीं किया है।”
एक अलग प्रश्न में, एमईए से हाल के वर्षों में भारतीय पासपोर्ट की “वैश्विक स्थिति सुधारने” के लिए किए गए विशेष कूटनीतिक प्रयासों के बारे में पूछा गया।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लिखित उत्तर में कहा कि सरकार लगातार उन देशों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही है, जो भारतीयों को दुनिया भर में यात्रा को आसान बनाने के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश, वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा सुविधाएं प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-मुक्त प्रवेश या वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा सुविधाएं देने वाले देशों की सूची एमईए की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
सिंह ने कहा, “कुछ निजी संस्थान पासपोर्ट रेटिंग/रैंकिंग प्रकाशित करते हैं, जो उनके द्वारा तय किए गए मापदंडों पर आधारित होती हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर पासपोर्ट के लिए कोई व्यापक रूप से स्वीकृत रैंकिंग प्रणाली नहीं है, जिसे मानक माना जा सके, क्योंकि पासपोर्ट को रैंक करने के लिए स्वीकार्य मानदंडों का अभाव है।” पीटीआई केएनडी आरसी
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