भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है: पीएम मोदी

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with Union Minister for Parliamentary Affairs Kiren Rijiju and Ministers of State Jitendra Singh and L. Murugan arrives to address the media during the Budget session of Parliament, in New Delhi, Thursday, Jan. 29, 2026. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01_29_2026_000067B)

नई दिल्ली, 29 जनवरी (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत दुनिया के लिए एक “उम्मीद की किरण” बनकर उभर रहा है। संसद के बजट सत्र की शुरुआत पर मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक “महत्वाकांक्षी भारत” के लिए है और देश के निर्माताओं को इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी क्षमताओं को बढ़ाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेज़ी से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ रहा है और संसद सदस्यों ने सुधारों को आकार देने में सकारात्मक ऊर्जा का योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके आलोचक भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पायदान तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना रही है और आने वाली पीढ़ी के सुधारों में भी यह परंपरा जारी रहेगी।

मोदी ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनसंख्या संरचना दुनिया के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आती है। उन्होंने संसद को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए कहा कि यहां से भारत लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रतिबद्धता और जनादेश के सम्मान का संदेश दुनिया को दे सकता है, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा और स्वीकार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय व्यवधान का नहीं, बल्कि समाधान का है; बाधाएं खड़ी करने का नहीं, बल्कि समस्याओं के निपटारे का है। उन्होंने कहा कि यह बजट सत्र 21वीं सदी की पहली तिमाही के समापन और अगले 25 वर्षों की शुरुआत का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि वर्ष की शुरुआत बेहद सकारात्मक माहौल में हुई है, जहां आत्मविश्वास से भरा भारत दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र और आशा की किरण बनकर सामने आया है। भारत-यूरोपीय संघ एफटीए को उन्होंने इस नए दौर की शुरुआत का संकेत बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और आगे बढ़ने की संभावनाओं को दर्शाता है।

“यह समझौता महत्वाकांक्षी भारत, आकांक्षी युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार का मार्ग खोलता है,” प्रधानमंत्री ने कहा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय निर्माता इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अपनी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार करेंगे।

मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुआ यह ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भारतीय उत्पादों के लिए एक विशाल बाजार खोलता है, जहां भारतीय सामान कम लागत पर पहुंच सकेगा। उन्होंने उद्योग जगत से आत्मसंतोष से बचने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 27 यूरोपीय देशों के बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ प्रवेश करने से न केवल आर्थिक लाभ होगा, बल्कि उपभोक्ताओं का विश्वास भी जीता जा सकेगा, जिसका असर आने वाले दशकों तक दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि जब कंपनियों के ब्रांड देश के ब्रांड से जुड़ते हैं, तो एक नई प्रतिष्ठा स्थापित होती है।

गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद एफटीए पर सहमति की घोषणा की थी। इसके तहत 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोप से आने वाली लग्ज़री कारों और वाइन की कीमतें भारत में कम होंगी। यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ को मिलाकर करीब दो अरब लोगों का साझा बाजार तैयार करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस हमेशा मानव-केंद्रित विकास और देश के सर्वांगीण विकास पर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तकनीक से प्रतिस्पर्धा करेगा, उसे अपनाएगा और उसकी ताकत को स्वीकार करेगा, लेकिन मानव-केंद्रित व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 140 करोड़ नागरिकों के आत्मविश्वास और युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं और यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह देश की एकमात्र महिला वित्त मंत्री हैं।

“यह भारतीय लोकतंत्र का एक अत्यंत गौरवशाली अध्याय है,” प्रधानमंत्री ने कहा। (पीटीआई)

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