
भोपाल, 25 अगस्त (पीटीआई) केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद, पाकिस्तान घुटने टेककर हाथ जोड़कर बातचीत के लिए आया था, क्योंकि उसे डर था कि भारत उसके हवाई ठिकानों को ध्वस्त करने के बाद उसके परमाणु ठिकानों के करीब पहुँच जाएगा।
चौहान ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच दुश्मनी खत्म करने में किसी विदेशी देश की भूमिका होने के दावों को भी खारिज कर दिया।
भारत ने इस साल मई में ऑपरेशन सिंदूर सैन्य अभियान शुरू किया था, जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी।
भोपाल स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, “हम दुश्मनी नहीं रखते। आपने ऑपरेशन सिंदूर देखा है। वे राक्षस जिन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की, पत्नी के सामने पति और बेटे के सामने पिता।”
उन्होंने कहा, “अगर आपको याद हो, तो हमने सटीक निशाना साधा। हमने आतंकवादियों के पनाहगाह को ध्वस्त कर दिया। हमने पहले उनकी सेना या नागरिक (ठिकाने) पर हमला नहीं किया। यह भारत है।”
कृषि मंत्री ने कहा कि जब पाकिस्तान ने अपने हमले के लिए मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया, तो भारत ने ब्रह्मोस, अग्नि और पृथ्वी (मिसाइलों) का इस्तेमाल किया और पड़ोसी देश के सभी हवाई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
चौहान ने कहा, “जब उन्हें लगा कि भारत उनके परमाणु अड्डे तक पहुँच जाएगा, तो वे घुटने टेककर हाथ जोड़कर बात करने आए।”
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार इस दावे का हवाला देते हुए कहा, “वे कह रहे हैं ‘मैंने कर दिखाया, मैंने कर दिखाया’।”
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, “भारत, भारत की ताकत से चलता है। हम किसी व्यक्ति पर हमला नहीं करते। हम आतंकवादियों को नहीं छोड़ते।”
चौहान ने कहा कि पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिजन चाहते थे कि आतंकवादियों के सिर में गोली मार दी जाए।
उन्होंने आगे कहा, “आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया है।”
पिछले महीने, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिवार और कई अन्य लोग चाहते थे कि तीनों आतंकवादियों के सिर में गोली मार दी जाए और ऑपरेशन महादेव में उनका भी यही हश्र हुआ।
शाह ने कहा कि जाँच के दौरान ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीनों आतंकवादियों की पहचान से पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की पुष्टि हुई है क्योंकि तीनों इसी आतंकी संगठन से जुड़े थे। पीटीआई लाल जीके
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