
बहराइच/पीलीभीत (उत्तर प्रदेश), 11 सितंबर (पीटीआई): नेपाल में हिंसक विरोध और अशांति के बाद उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं और सीमा क्षेत्रों में हाई अलर्ट की स्थिति सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि पड़ोसी देश की अशांति का असर भारतीय क्षेत्र में न हो।
बहराइच में सीमा को सील कर दिया गया है और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) अस्थायी रूप से 225 से अधिक तेल टैंकरों और माल से लदे ट्रकों का पार्किंग स्थल बन गया है। वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है, लेकिन नेपाली नागरिक पैदल सीमा पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित पाठक ने बुधवार को रूपैडिहा सीमा का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
आयुक्त सुशील ने कहा, “सीमा का निरीक्षण किया गया है और पुलिस बल के साथ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) पूरी तरह अलर्ट पर है। गश्त तेज की जा रही है।” पाठक ने बताया कि नेपाल से प्राप्त खुफिया इनपुट के आधार पर व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं।
“एसएसबी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त गश्त तीन दिनों से चल रही है,” उन्होंने कहा।
रूपैडिहा के आईसीपी प्रभारी सुधीर शर्मा ने पुष्टि की कि अशांति से पहले नेपाल में दाखिल हुए 310 भारतीय ट्रक और टैंकर सुरक्षित वापस बुला लिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश वर्तमान में आईसीपी पर खड़े हैं।
गोरखपुर में, बस्ती मंडल आयुक्त अखिलेश कुमार सिंह और डीआईजी संजीव त्यागी ने सिद्धार्थनगर जिले के ककरहवा और अलीगढ़वा सीमा चौकियों पर सुरक्षा का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों को 24 घंटे सतर्क रहने, गश्त तेज करने और संदिग्ध व्यक्तियों की सख्त जांच करने के निर्देश दिए।
इसी तरह, महाराजगंज जिले में एसएसबी ने सोनौली सीमा पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। नेपाल जाने वाले सभी निजी और व्यावसायिक वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
एसएसबी के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से वापस भेजा जा रहा है और हर व्यक्ति व वाहन की गहन जांच की जा रही है।
पीलीभीत में भी नेपाल में सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की खबरों के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि प्रशासन लगातार सतर्क है और जिले की सीमा पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की अतिरिक्त टुकड़ी भी तैनात की गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने कहा कि स्थानीय पुलिस और एसएसबी ने पैदल गश्त और संयुक्त निरीक्षण बढ़ा दिए हैं।
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि नेपाल में हालात सामान्य होने तक कड़ी चौकसी जारी रहेगी।
लखीमपुर खीरी में, गौरीफंटा पर भारत-नेपाल सीमा को मंगलवार देर शाम सील कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।
जिला अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, जो एसपी संकल्प शर्मा के साथ सीमा पर पहुंचीं, ने पुष्टि की कि 343 नेपाली नागरिकों को नेपाल भेजा गया, जबकि नेपाल में फंसे 177 भारतीयों को मंगलवार को भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई।
जिले के मुख्यालय पर एक 24 घंटे की हेल्पलाइन भी शुरू की गई है, ताकि पड़ोसी देश में फंसे भारतीयों की मदद की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तनावपूर्ण हालात के चलते सीमा पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। इन पाबंदियों से स्थानीय बाजारों का कारोबार भी ठप हो गया है, जो नेपाल से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर करता है।
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