
न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 20 फरवरी (पीटीआई) भारत ने गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पर बोर्ड ऑफ पीस की उद्घाटन बैठक में एक “पर्यवेक्षक” देश के रूप में हिस्सा लिया।
वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास की प्रभारी नामग्या खम्पा ने डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में भाग लिया।
भारत ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल नहीं हुआ है, जिसे ट्रंप ने गाजा पट्टी के पुनर्विकास के लिए स्थापित किया है।
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका बोर्ड के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता करेगा, जिसके सदस्य देशों में अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, हंगरी, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित 27 राष्ट्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन अनेक वैश्विक नेताओं में शामिल थे, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ने बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, जिसकी घोषणा गाजा पट्टी में इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत की गई थी।
भारत उन देशों में शामिल था जो 22 जनवरी को दावोस में आयोजित समारोह में उपस्थित नहीं थे, जहां ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस का अनावरण किया था, जिसका उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने और संभवतः अन्य वैश्विक संघर्षों का समाधान करने की दिशा में कार्य करना है।
बोर्ड ऑफ पीस को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप पहले कह चुके हैं कि बोर्ड ऑफ पीस “संभवतः” संयुक्त राष्ट्र की जगह ले सकता है, जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि वह कभी भी अपनी क्षमता के अनुरूप खरा नहीं उतरा। पीटीआई वाईएएस जीआरएस जीआरएस जीआरएस
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