भारत, फ्रांस आतंकवाद विरोधी सहयोग को गहरा करेंगे

नई दिल्ली, 12 सितंबर (पीटीआई) भारत और फ्रांस ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ से निपटने में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। दोनों पक्षों ने पहलगाम में हुए नृशंस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।

दोनों पक्षों ने गुरुवार को पेरिस में आतंकवाद-निरोध पर भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक में इन खतरों से मिलकर निपटने पर विचार-विमर्श किया।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, “दोनों पक्षों ने पहलगाम में 22 अप्रैल को निर्दोष नागरिकों पर हुए नृशंस आतंकवादी हमले की निंदा की।”

इसमें कहा गया कि भारत और फ्रांस ने “अपने-अपने देशों में मौजूदा खतरे के आकलन, जिसमें राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद, संबंधित क्षेत्रों में आतंकवादियों की गतिविधियाँ और मध्य पूर्व में आतंकवादी खतरा शामिल है,” पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “दोनों पक्षों ने उग्रवाद/कट्टरपंथ से निपटने और आतंकवादियों द्वारा नई तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पन्न खतरे सहित आतंकवाद-रोधी चुनौतियों का भी आकलन किया।”

इसमें कहा गया है कि द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा प्रशिक्षण और अभ्यासों के माध्यम से क्षमता निर्माण उपायों को तीव्र करने पर केंद्रित रही।

दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र, FATF (वित्तीय कार्रवाई कार्य बल) और NMFT (आतंकवाद के लिए धन नहीं) के ढाँचे के अंतर्गत सहयोग पर चर्चा की।

भारत और फ्रांस ने आतंकवाद-रोधी वार्ता के दायरे को व्यापक बनाने, संगठित अपराधों को शामिल करने, एक केंद्रित द्विपक्षीय प्रयास के रूप में ऑनलाइन दुष्प्रचार का मुकाबला करने, और आपसी चिंता और हित के मामलों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान और अनुभव साझा करने पर भी चर्चा की।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय (MEA) में संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) के.डी. देवल ने किया, जबकि फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फ्रांसीसी आतंकवाद-रोधी राजदूत ओलिवियर कैरन ने किया। पीटीआई एमपीबी जेडएमएन

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