मलेशियाई अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री की शेष सजा घर में नजरबंदी के तहत काटने की याचिका खारिज की

Former Malaysian Prime Minister Najib Razak, center, is escorted by prison officers on his arrival at the Kuala Lumpur High Court Complex (AP)

कुआलालंपुर, 22 दिसंबर (एपी) – मलेशिया की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी भ्रष्टाचार से जुड़ी सजा की शेष अवधि घर में नजरबंदी के तहत पूरी करने की मांग की थी।

अदालत ने कहा कि देश के पूर्व राजा द्वारा जारी किया गया दुर्लभ शाही आदेश वैध नहीं था और इसे संवैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार नहीं बनाया गया।

नजीब के वकील ने अदालत को बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहे हैं।

72 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री अपनी सजा की शेष अवधि जेल में ही काटेंगे। यह सजा अगस्त 2028 में समाप्त होगी, जब तक कि पिछले वर्ष क्षमादान बोर्ड द्वारा 12 साल की सजा आधी कर दी गई थी।

नजीब उस मामले में जेल में हैं, जो 1MDB राज्य कोष की अरबों डॉलर की लूट से जुड़ा है, जिसके कारण 2018 में उनकी सरकार गिर गई थी।

उन्हें 2020 में सत्ता के दुरुपयोग, आपराधिक विश्वासघात और धनशोधन के आरोप में 12 साल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में 1MDB की पूर्व इकाई SRC इंटरनेशनल से 4.2 करोड़ रिंगिट (लगभग 1.03 करोड़ डॉलर) उनके बैंक खातों में जाने का आरोप था।

अंतिम अपील हारने के बाद नजीब ने अगस्त 2022 में सजा काटना शुरू किया, जिससे वे मलेशिया के पहले पूर्व नेता बन गए जिन्हें जेल जाना पड़ा।

उन्होंने अप्रैल 2024 में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें दावा किया गया कि तत्कालीन राजा सुल्तान अब्दुल्ला सुल्तान अहमद शाह ने एक परिशिष्ट आदेश जारी किया था, जिससे उन्हें घर में नजरबंदी के तहत सजा पूरी करने की अनुमति मिलती। नजीब के अनुसार यह आदेश जनवरी 2024 में क्षमादान बोर्ड की बैठक में जारी किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सुल्तान अब्दुल्ला ने की थी। उसी बैठक में उनकी सजा कम की गई और जुर्माने में भी बड़ी कटौती की गई।

नजीब ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और आरोप लगाया कि मलेशियाई वित्तीय कारोबारी लो ताएक जो ने उन्हें धोखा दिया। लो ताएक जो, जिसे इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जाता है, अभी भी फरार है।

अलग से, शुक्रवार को यह तय होगा कि नजीब को दूसरे भ्रष्टाचार मुकदमे में बरी किया जाता है या दोषी ठहराया जाता है। यह मामला सीधे 1MDB घोटाले से जुड़ा है। उच्च न्यायालय 1MDB से 70 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि उनके बैंक खातों में डालने के लिए सत्ता के दुरुपयोग के चार आरोपों और इसी राशि से जुड़े 21 धनशोधन आरोपों पर फैसला सुनाएगा।

दोषी पाए जाने पर नजीब को सत्ता के दुरुपयोग के प्रत्येक आरोप में 20 साल और धनशोधन के प्रत्येक आरोप में पांच साल तक की जेल हो सकती है।

नजीब ने 2009 में प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद 1MDB विकास कोष की स्थापना की थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस कोष से कम से कम 4.5 अरब डॉलर की राशि चोरी हुई और नजीब के सहयोगियों ने इसे अमेरिका और अन्य देशों में बैंक खातों के माध्यम से धोखा-धन किया।

बताया गया है कि इस धन का इस्तेमाल हॉलीवुड फिल्मों के वित्तपोषण और होटलों, लग्जरी नौका, कला और आभूषण जैसी भव्य खरीदारी में किया गया।

1MDB घोटाले को लेकर देशभर में आक्रोश के चलते 2018 में वह पार्टी हार गई, जो 1957 में ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद से मलेशिया में सत्ता में थी।

दोषसिद्धि के बावजूद नजीब की अपनी पार्टी यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइजेशन (UMNO) में अभी भी पकड़ है। यह पार्टी अब प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की 2022 में सत्ता में आई एकता सरकार का हिस्सा है।

(एपी) एएमएस

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