
नागपुर, 8 दिसंबर (PTI) — महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के पूरे पाठ के साथ शुरू हुआ। यह आयोजन गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया।
आमतौर पर विधानसभा में केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाते हैं, जिसके बाद राज्य गीत ‘जय जय महाराष्ट्र माझा’ का पाठ होता है। लेकिन इस बार अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर को सम्मान देने के लिए पूरा गीत गाया गया। सभी विधायकों ने खड़े होकर ‘वंदे मातरम्’ का संपूर्ण पाठ किया।
लोकसभा ने भी सोमवार को ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर 10 घंटे की विशेष चर्चा निर्धारित की थी। यह चर्चा राष्ट्रव्यापी वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित और जदुनाथ भट्टाचार्य द्वारा स्वरबद्ध यह गीत आज़ादी के आंदोलन में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वर्ष 1937 में उसने इस गीत के कुछ महत्वपूर्ण अंतरों को हटाया था, जिसे उन्होंने “विभाजन का बीज” बताया। प्रधानमंत्री ने 7 नवंबर को वर्षभर चलने वाले समारोहों की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य युवाओं और छात्रों को इस गीत की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना है।
सत्र के दौरान, अध्यक्ष नार्वेकर ने उन सदस्यों के नाम भी घोषित किए जो उनकी अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करेंगे — चेनसुख संचेती, किशोर पाटिल, राहुल पाटिल, उत्तमराव जानकर, रामदास मस्राम, समीर कुनवार और सरोज आहिरे।
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