नई दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रांची के मौसीबाड़ी से लापता दो बच्चों के संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य सचिव के साथ बैठक की।
मंत्री ने इससे पहले लापता बच्चों के आवास का दौरा किया और उनके माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्री ने झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से भी फोन पर बात की और उन्हें लापता बच्चों की तत्काल बरामदगी के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बयान में कहा गया है कि इन घटनाक्रमों के बाद, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने डी. जी. पी. को नोटिस जारी कर बच्चों की शीघ्र बरामदगी और नोटिस प्राप्त होने के पाँच दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ए. टी. आर.) प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है।
एनसीपीसीआर के सदस्य सचिव संजीव शर्मा ने भी जांच की वर्तमान स्थिति के बारे में पूछताछ करने के लिए रांची के एसएसपी राकेश रंजन से बात की। उन्होंने एसएसपी से जांच में तेजी लाने और बच्चों की जल्द से जल्द रिकवरी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और एनसीपीसीआर मामले की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
झारखंड पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने रांची से लापता दो भाई-बहनों का पता लगाने के लिए देश भर के लगभग 17,000 पुलिस थानों को सतर्क कर दिया है और उनके बारे में जानकारी देने पर 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।
दो बच्चे अंश कुमार (5) और अंशिका कुमारी (4) 2 जनवरी को एक किराने की दुकान पर जाने के बाद लापता हो गए थे। पीटीआई एओ पीआरके पीआरके
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