महिला विश्व कप की जीत सिर्फ क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि भारतीय खेल के लिए एक ऐतिहासिक मोड़: अमोल मजूमदार

नई दिल्ली, 6 नवंबर (पीटीआई): महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार का मानना है कि हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम का पहला विश्व कप खिताब देश में सिर्फ क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि भारतीय खेल के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ (watershed moment) है।

जीत का महत्व और तुलना

  1. ऐतिहासिक जीत: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले सप्ताह नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीता, जिसने देश के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिख दिया।
  2. “ऐतिहासिक मोड़” का दर्जा: इस जीत को व्यापक रूप से भारत में महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में वर्णित किया गया है, जिसकी तुलना पुरुष टीम की 1983 के प्रतिष्ठित विश्व कप जीत से की जा रही है।
  3. मजूमदार का बयान: मजूमदार ने पीटीआई वीडियो को बताया, “1983 के क्षण की बात करें तो, मुझे लगता है कि यह महिला विश्व कप न केवल एक पूरे के रूप में भारतीय क्रिकेट (पुरुष और महिला दोनों) के लिए, बल्कि भारतीय खेल के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होना चाहिए।”

चुनौतियों पर जीत और टीम भावना

  1. चुनौतीपूर्ण वापसी: यह जीत तब और भी उल्लेखनीय थी जब भारत एक समय लगातार तीन हार झेलने के बाद टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने के कगार पर खड़ा था। लेकिन ‘विमेन इन ब्लू’ ने न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व कप में सबसे सफल चेज दर्ज किया।
  2. टीम के असली वास्तुकार: कोच ने कहा, “अब जब हमने विश्व कप जीत लिया है, तो इसमें कोई इनकार नहीं है कि असली वास्तुकार खिलाड़ी और मेरे सहायक कर्मचारी हैं। सभी ने सहयोग किया है और बड़े पेशेवर अंदाज में अपना काम किया है। यह जीत केवल खिलाड़ियों या सहयोगी स्टाफ के लिए नहीं है, बल्कि हर भारतीय के लिए है।”

मजूमदार का व्यक्तिगत परिप्रेक्ष्य

  1. घरेलू करियर: अपने शानदार घरेलू करियर के बावजूद, जिसमें उन्होंने 171 प्रथम श्रेणी मैचों में 30 शतकों और 60 अर्धशतकों सहित 11,000 से अधिक रन बनाए, मजूमदार को कभी भारतीय टीम की कैप नहीं मिली।
  2. व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा: उन्होंने कहा, “मेरे भारत के लिए न खेल पाने की बात—मैंने उस विचार को 2014 में अपनी सेवानिवृत्ति के समय ही परे रख दिया था। वह अब इतिहास है। लगभग 11 साल हो गए हैं, और वह वहीं पर रखा हुआ है। यह जीत मेरे बारे में नहीं है, यह टीम और देश के बारे में है।”
  3. आगे की योजना: पूर्व मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी ने आगे की राह पर विचार करते हुए कहा कि उन्हें अगले चरण की योजना बनाने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने कहा, “24 अक्टूबर 2024 को, मैंने 2 नवंबर 2025 तक की योजना बनाई थी। उससे आगे, मैंने कुछ भी योजना नहीं बनाई है। मैं इस पल में रहना चाहता हूँ।”

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