‘मानवता पर कलंक’: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर गहलोत ने केंद्र पर साधा निशाना

Jaipur: Former Rajasthan chief minister Ashok Gehlot speaks with the media during a protest march over alleged irregularities in voter lists, in Jaipur, Wednesday, Aug. 13, 2025. (PTI Photo)(PTI08_13_2025_000161B)

जयपुर, 6 जनवरी (PTI) वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने मंगलवार को बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा को मानवता पर कलंक करार दिया और कहा कि पड़ोसी देश द्वारा भारत के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयाँ भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कूटनीतिक विफलता हैं।

पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि ऐसा देश, जिसकी रचना में भारत ने सहयोग किया, अब भारत के खिलाफ कार्य कर रहा है। दिसंबर की शुरुआत से अब तक बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के पांच पुरुषों की हत्या सहित कई हिंसक घटनाएं हुई हैं।

गहलोत ने कहा, “बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ जघन्य अत्याचार की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं। सिर्फ 19 दिनों में पांच हिंदुओं की हत्या और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।”

1971 के युद्ध की याद दिलाते हुए, जिसने बांग्लादेश की मुक्ति सुनिश्चित की, गहलोत ने कहा कि उस समय भारत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में ठोस कूटनीतिक संकल्प और सशक्त राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई थी, जिसने इतिहास और भूगोल दोनों बदल दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों के दबाव के बावजूद भारत ने हिचकिचाहट नहीं दिखाई, जब अमेरिका ने अपनी सातवीं नौसेना बेड़े को तैनात किया था।

गहलोत ने इसे भाजपा केंद्र की कूटनीतिक विफलता बताया और कहा, “केंद्र को केवल ‘गहरी चिंता’ जताने वाले औपचारिक बयान देने से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन, सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा हमारी नैतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने आगे कहा, “इतिहास गवाह है कि मासूम जीवन केवल खोखले नारों से नहीं बल्कि निर्णायक नेतृत्व से बचाया जा सकता है। प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव डालना चाहिए।”

घटनाओं का विवरण देते हुए बताया गया कि 4 जनवरी को बांग्लादेश के जैशोर जिले में एक हिंदू व्यवसायी, जो एक समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक भी थे, की अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। उसी दिन नरसिंगी शहर में 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार को अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से मार डाला। 3 जनवरी को धारकंंद्र दास (50) को शरिया प्रांत के डामुड्या में क्रूर तरीके से हमला कर आग लगा दी गई। 24 दिसंबर को अमृत मोंडल को राजबारी जिले के पंग्शा उपजिला में कथित वसूली के आरोप में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। 18 दिसंबर को दीपु चंद्र दास (25) को माइमेंसिंग शहर में कथित धर्मनिंदकता के आरोप में भीड़ ने मारकर जला दिया।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज

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