मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शहर की पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, क्योंकि उन्होंने फिल्म और टेलीविजन निर्माता एकता कपूर के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत की जांच रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं की। यह रिपोर्ट 9 मई तक सौंपनी थी, लेकिन पुलिस ने तय समयसीमा तक रिपोर्ट नहीं दी.
मामला क्या है?
- शिकायतकर्ता: यूट्यूबर विकास पाठक, जिन्हें ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ के नाम से जाना जाता है, ने यह शिकायत दर्ज कराई थी।
- आरोप: शिकायत में कहा गया कि एकता कपूर की ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘ऑल्ट बालाजी’ पर प्रसारित एक वेब सीरीज के एक एपिसोड में भारतीय सेना की वर्दी और राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह के साथ एक अधिकारी को “अनैतिक गतिविधि” में दिखाया गया, जिससे देश की सेना की गरिमा को ठेस पहुंची है।
- शिकायत में शामिल: एकता कपूर के अलावा उनके माता-पिता शोभा कपूर और जितेंद्र कपूर का नाम भी शामिल किया गया है.
कोर्ट की कार्रवाई
- फरवरी 2025: बांद्रा स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खार पुलिस को निर्देश दिया था कि वे इस शिकायत की जांच करें और 9 मई तक रिपोर्ट सौंपें।
- रिपोर्ट में देरी: पुलिस द्वारा रिपोर्ट समय पर न सौंपने के कारण, 4 जुलाई को कोर्ट ने पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि जांच रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं दी गई.
- कानूनी प्रावधान: यह कार्रवाई दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत की गई, जिसमें मजिस्ट्रेट आपराधिक शिकायत की जांच स्वयं कर सकते हैं या पुलिस को निर्देशित कर सकते हैं.
शिकायत का मुख्य बिंदु
- शिकायतकर्ता के वकील के अनुसार, वेब सीरीज के एक एपिसोड में भारतीय सेना की वर्दी में एक किरदार को अनैतिक गतिविधि में दिखाया गया, जो न सिर्फ सेना का अपमान है बल्कि देश के प्रतीकों के प्रति भी असम्मानजनक बर्ताव दर्शाता है।
- यह सीन मई 2020 में सामने आया था और तब से इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी कई बार नाराजगी जताई जा चुकी है.
निर्माता की प्रतिक्रिया
- अब तक ओटीटी प्लेटफॉर्म और निर्माताओं की ओर से इस पर कोई सार्वजनिक माफी या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है.
निष्कर्ष
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से जवाब तलब किया है कि जांच रिपोर्ट में देरी क्यों हुई। यह मामला भारतीय सेना की गरिमा से जुड़ा होने के कारण काफी संवेदनशील माना जा रहा है.

