
कोलकाता, 2 मार्च (पीटीआई): टी20 विश्व कप से वेस्टइंडीज़ के बाहर होने की जिम्मेदारी लेते हुए कप्तान शाई होप ने कहा कि उन्हें शीर्ष क्रम में तेज बल्लेबाज़ी करनी चाहिए थी ताकि यहां सुपर आठ के ‘करो या मरो’ मुकाबले में भारत के खिलाफ अधिक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया जा सके।
गत चैंपियन भारत ने रविवार को यहां ईडन गार्डन्स में 196 रन के लक्ष्य का पीछा कर पूर्व चैंपियन वेस्टइंडीज़ को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
मेहमान टीम कम से कम 20 रन कम बनाती दिखी क्योंकि होप ने 33 गेंदों में 32 रन बनाए, उनका स्ट्राइक रेट 96 से थोड़ा अधिक रहा और उन्होंने 17 डॉट गेंदें खेलीं, जो हाई-स्कोरिंग मुकाबले में भारी पड़ीं।
होप ने मैच के बाद मीडिया से बातचीत में बिना किसी कठिन सवाल से बचते हुए कहा, “हां, मैं जिम्मेदारी लेता हूं। मुझे काफी तेज बल्लेबाज़ी करनी चाहिए थी — अगर आप मुझसे यही सुनना चाहते हैं। जब आप नेतृत्व करते हैं, तो आप ऊपर से लय तय करना चाहते हैं। आज मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ। मैं आज शुरुआत नहीं कर पाया।”
उन्होंने कहा, “लेकिन ऐसे हालात में जब आप संघर्ष कर रहे होते हैं, तो हर कोई संघर्ष करता है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं खराब बल्लेबाज़ी कर रहा था।”
सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया और भारत की रणनीति सफल रही। पावरप्ले में अर्शदीप सिंह, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने कसी हुई गेंदबाज़ी की और होप को खुलकर खेलने नहीं दिया।
इसके बाद मध्य ओवरों के लिए संभालकर रखे गए रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने उन्हें एक ऐसी गेंद पर बोल्ड किया जो तेजी से फिसलते हुए स्टंप्स से टकराई।
हालांकि रोस्टन चेज़ की तेज पारी और अंत में रोवमैन पॉवेल तथा जेसन होल्डर की आक्रामक बल्लेबाज़ी से वेस्टइंडीज़ 195/4 तक पहुंचा, लेकिन ओस से मददगार ईडन की पिच पर यह स्कोर कम लगा।
होप ने कहा कि रन की कमी इरादे की कमी के कारण नहीं थी। “मैंने कुछ गेंदें फील्डरों पर मारीं और उन्होंने अच्छी गेंदबाज़ी की। आप हर गेंद पर छक्का नहीं मार सकते। मैं फील्डरों को मार रहा था और फिर स्थिति के हिसाब से खेलने की कोशिश कर रहा था।”
उन्होंने माना कि पावरप्ले का बेहतर उपयोग किया जा सकता था। “हम पावरप्ले में 65-70 रन चाहते थे। हम बिना विकेट खोए 45 पर थे, हमारे पास मंच था। हमारी बल्लेबाज़ी की गहराई को देखते हुए उस समय यह बड़ी समस्या नहीं लगी, लेकिन हम योजना के अनुसार अमल नहीं कर पाए।”
उन्होंने इसे बेहद करीबी मुकाबला बताते हुए कहा, “क्रिकेट छोटे-छोटे अंतर का खेल है। कई पल ऐसे होते हैं जब आप सोचते हैं कि थोड़ा और या थोड़ा कम किया होता। लेकिन एक टीम को जीतना ही होता है।”
होप ने यह भी कहा कि परिस्थितियां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के अनुकूल थीं और टॉस हारने पर अफसोस जताया। “ईडन गार्डन्स में पीछा करना आमतौर पर बेहतर रहता है, खासकर ओस के कारण। इस टूर्नामेंट में मैंने शायद ही कोई टॉस जीता हो, जिससे हमें मुश्किल स्थिति में शुरुआत करनी पड़ी।”
हालांकि व्यापक नजरिए से उन्होंने अभियान के सकारात्मक पहलुओं पर जोर दिया। “हमारी गेंदबाज़ी पिछली सीरीज़ की तुलना में काफी बेहतर रही, खासकर पावरप्ले में।”
‘संजू को ए प्लस’
होप ने भारत के मैच विजेता संजू की जमकर तारीफ की, जिनकी नाबाद 97 रन की पारी ने टीम की जीत की नींव रखी। हाल के समय में आलोचना और टीम से बाहर होने का सामना करने वाले संजू ने बड़े मुकाबले में मौका भुनाया।
उन्होंने कहा, “उन्होंने शुरुआत से अंत तक शानदार शॉट खेले और पारी को बहुत समझदारी से आगे बढ़ाया। जिस तरह उन्होंने बल्लेबाज़ी की, उसके लिए उन्हें ए-प्लस देना चाहिए। लेकिन काश उन्होंने आज वह पारी नहीं खेली होती।”
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