
विशाखापत्तनम, 29 जनवरी (पीटीआई) भारत को एक बार फिर परेशान करने के बाद बाएं हाथ के स्पिनर मिशेल सैंटनर ने कहा कि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनका रोल रक्षात्मक गेंदबाजी करना, दबाव बनाना और उसी तरह विकेट लेना है। उन्होंने कहा कि यहां खेले गए चौथे टी20 में यह रणनीति सफल होती देखना संतोषजनक रहा।
न्यूजीलैंड के कप्तान सैंटनर भारत के लिए एक बार फिर परिचित चुनौती साबित हुए। उन्होंने एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट की शानदार गेंदबाजी की और अपनी टीम को 50 रन से जीत दिलाई।
उन्होंने संजू सैमसन को एक बार फिर निराश किया, खतरनाक हार्दिक पांड्या को आउट किया और फिर जसप्रीत बुमराह का विकेट लेकर अपने शानदार स्पेल का समापन किया।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा, “मेरा रोल शायद थोड़ा ज्यादा रक्षात्मक गेंदबाजी करने और उसी तरीके से विकेट लेने का है। कई बार समझदारी से खेलना जरूरी होता है, छह सिंगल भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हमने बहुत पावर हिटिंग और बड़े स्कोर देखे हैं। ऐसे में टी20 में एक स्पिनर के रूप में, जब पिच से ज्यादा मदद न मिले, तो दबाव बनाना और विकेट लेना ही भूमिका होती है।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आप बड़े स्कोर का बचाव कर रहे हैं तो रन रेट बढ़ने दें। और अगर स्कोर कम है, तो इन बल्लेबाजों को रोकने का एकमात्र तरीका विकेट लेना है। इसलिए यह सब हालात के अनुसार खुद को ढालने और स्थिति को समझने पर निर्भर करता है।”
सैंटनर ने हार्दिक पांड्या को आउट करने का उदाहरण देते हुए अपनी बात और स्पष्ट की। उन्होंने फ्लाइट से पांड्या को चकमा दिया और उन्हें सर्कल के किनारे जैक फॉल्क्स के हाथों कैच कराया।
उन्होंने कहा, “मैंने मुंबई (इंडियंस) के नेट्स में हार्दिक के खिलाफ काफी गेंदबाजी की है। वह मुझे जानते हैं और मैं उन्हें जानता हूं। उस स्थिति में रक्षात्मक गेंदबाजी ही हमारे लिए मैच जीतने का एकमात्र तरीका था, क्योंकि जब भारतीय टीम लय में होती है तो उसे रोकना काफी मुश्किल होता है।”
हालांकि, इस मैच में लेग स्पिनर ईश सोढ़ी काफी महंगे साबित हुए और शिवम दुबे ने उनके एक ओवर में 29 रन जड़ दिए।
सैंटनर ने अपने सीनियर साथी के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि 11वें ओवर में भारत के 82 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद सोढ़ी शायद आक्रामक होकर विकेट निकालने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “अगर आप दुबे, हार्दिक या रिंकू के आर्क में गेंद डालते हैं, तो वे उसे खेलेंगे ही। आपको प्रतिशत के हिसाब से खेलना होता है और मैच-अप देखना होता है। फिंगर स्पिनर के रूप में यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अगर कोई बल्लेबाज कलाई के स्पिनर को ठीक से नहीं पढ़ पा रहा हो, तो आप कुलदीप (यादव) या (रवि) बिश्नोई की तरह उन्हें थोड़ा आक्रामक होने को कहते हैं। ईश अपनी ज्यादा वैरिएशंस के साथ शायद खेल की स्थिति को देखते हुए आक्रामक होने की कोशिश कर रहे थे,” सैंटनर ने कहा।
हालांकि, न्यूजीलैंड के कप्तान ने 23 गेंदों में 65 रन की तूफानी पारी खेलने वाले दुबे की जमकर तारीफ की।
लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की लंबी टेल न होना, जिसमें हर्षित राणा सातवें नंबर पर आए, न्यूजीलैंड के लिए फायदेमंद रहा।
उन्होंने कहा, “मैंने दुबे को ऐसा कई बार करते देखा है और वह गेंद को बहुत दूर तक मारते हैं। लेकिन हमें पता था कि अगर हम उन्हें आउट कर लें, तो भारत की बल्लेबाजी उतनी गहरी नहीं है जितनी अन्य मैचों में रही है। उनके पास सातवें नंबर पर हर्षित थे। लेकिन दुबे को पता होता है कि वह क्या करना चाहते हैं। जब स्पिनर आता है, तो वह जानते हैं कि यह उनके लिए अच्छा मैच-अप है।”
33 वर्षीय सैंटनर ने न्यूजीलैंड की जीत में टिम सीफर्ट की भूमिका को भी नहीं भुलाया, जिन्होंने 36 गेंदों में 62 रन बनाए।
सलामी बल्लेबाज सीफर्ट ने डेवोन कॉनवे के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी भी की।
उन्होंने कहा, “टिम्मी ने अपनी क्लास दिखाई है। वह पूरे साल फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलते रहे हैं और अब कई टी20 टीमों का नियमित हिस्सा हैं। हमने देखा है कि भारत पावरप्ले में किस तरह शुरुआत करता है, और यह शुरुआत में बेहद अहम होता है।
आज उन्होंने (सीफर्ट और कॉनवे) पावरप्ले में हमें एक अच्छा स्कोर दिलाने की नींव रखी। हमने देखा है कि पिछले कुछ मैचों में भारत ने हमारे खिलाफ यही किया है। टिम्मी ने शानदार खेल दिखाया, गेंद पर तेजी से प्रतिक्रिया दी और उन्हें फर्क नहीं पड़ा कि गेंदबाजी कौन कर रहा है। ओस के साथ वह साझेदारी हमें मजबूत स्थिति में ले गई,” उन्होंने कहा।
सैंटनर ने यह भी कहा कि फॉर्म में चल रहे अभिषेक शर्मा का जल्दी आउट होना भारत पर दबाव बनाने में मददगार साबित हुआ।
उन्होंने कहा, “पिछले मैचों में बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे। अभिषेक जैसे बल्लेबाज को आउट करना आसान नहीं होता। इसलिए मैंने गेंदबाजों से कहा था कि इससे ज्यादा मुश्किल नहीं हो सकता। ऐसे में वापसी करना अच्छा लगा।”
हालांकि भारत ने सीरीज जीत ली, लेकिन सैंटनर को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ वनडे और टी20 में अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करने का अनुभव अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप में उनकी टीम के काम आएगा।
उन्होंने कहा, “मैंने सीरीज की शुरुआत में ही कहा था कि विश्व कप से पहले भारत में भारत के खिलाफ खेलना सबसे अच्छी तैयारी है। नतीजा चाहे जो भी हो, शुरुआती मैचों में हमारी अच्छी परीक्षा हुई। लेकिन यह सीखने का मौका है और खिलाड़ियों को उनकी भूमिकाओं में आजमाने का अवसर भी।
अगर विश्व कप में किसी भी चरण में हमारा सामना भारत से होता है, या उन विकेटों पर खेलना पड़ता है जैसे वहां मिलने की संभावना है, तो ऐसे दबाव भरे हालात में हम ज्यादा स्पष्ट सोच के साथ खेल पाएंगे।” पीटीआई UNG AM UNG AM AM
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