नई दिल्ली, 20 जनवरी (पीटीआई)। पश्चिमी दिल्ली के Janakpuri में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनकी पोती खून से लथपथ सड़क पर पड़ी थी और वह मदद के लिए गुहार लगाती रहीं, लेकिन कोई नहीं रुका।
महिला 17 फरवरी की सुबह अपनी छह वर्षीय पोती को स्कूल छोड़ने जा रही थीं, तभी यह हादसा हुआ।
लड़की की नानी मर्सी जेवियर ने कहा, “ई-रिक्शा चालक बहुत धीरे चला रहा था। अचानक एक तेज रफ्तार सफेद कार ने हमारे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी और हम तीनों गिर पड़े। मैंने कार चालक से विनती की कि वह मेरी बच्ची को अपनी कार से अस्पताल ले जाए, लेकिन वह भाग गया।”
लड़की की मां ने बताया कि उन्हें अस्पताल के एक कर्मचारी का फोन आया, जिसने दुर्घटना की जानकारी दी और बताया कि उनकी मां सड़क पर मदद के लिए लगातार गुहार लगा रही थीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मां ने कहा, “उन्होंने तीन-चार गाड़ियों को रोका और मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं रुका।” अंततः एक नर्स ने किसी अन्य व्यक्ति की मदद से बच्ची को अस्पताल पहुंचाया।
उन्होंने कहा, “अगर मदद समय पर मिल जाती, तो शायद हालात अलग होते,” और बताया कि कार तेज रफ्तार में थी।
पड़ोसियों ने बच्ची को हंसमुख बताया।
एक पड़ोसी जॉर्जिना ने कहा, “उसकी नानी उसे स्कूल छोड़ती और लेकर आती थीं। हमने उसे देखा है — वह बहुत खुशमिजाज थी। उसकी एक बड़ी बहन है और वह अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ रहती थी।”
पीड़िता और उनकी नानी, जो लाजवंती गार्डन की निवासी हैं, को पहले Mata Chanan Devi Hospital ले जाया गया। बाद में उन्हें द्वारका स्थित एक उन्नत चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया।
इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
मर्सी जेवियर ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 7:40 बजे वह अपनी पोती के साथ ई-रिक्शा में जा रही थीं, तभी Janakpuri Fire Station के पास एक कार ने उनके वाहन को टक्कर मार दी, जिससे वह पलट गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े।
पुलिस ने बाद में कार को जब्त कर लिया और उसके चालक संजीव को गिरफ्तार कर लिया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “आरोपी चालक को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फायर स्टेशन व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर घटनाक्रम को पुनर्निर्मित किया जा रहा है।”
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