
केप टाउन, 6 जनवरी (पीटीआई) दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक क्रिकेट में वापसी के बाद एक नए अंदाज में नजर आ रहे हैं। डी कॉक ने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी का श्रेय उस मानसिक स्थिति को दिया है, जिसमें किसी तरह का “बोझ” नहीं है।
टेस्ट और वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद डी कॉक अक्टूबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के जरिए फिर से मैदान पर लौटे थे। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल के बाद वह इस फॉर्मेट से भी दूर थे और उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
सनराइजर्स ईस्टर्न केप और प्रिटोरिया कैपिटल्स के बीच SA20 मुकाबले के बाद चुनिंदा मीडिया से बातचीत में डी कॉक ने कहा,
“मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी बोझ के साथ क्रिकेट खेला है। मेरी सोच हमेशा जीतने की रही है। अगर मैं मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार होकर मैदान पर उतरता हूं, तो मुझे संतुष्टि होती है, चाहे मैं सफल रहूं या असफल।”
उन्होंने आगे कहा,
“मैं तभी निराश होता हूं जब मैं मानसिक रूप से खेल में मौजूद नहीं रहता और बेवजह की गलतियां कर बैठता हूं।”
अपनी बात को साबित करते हुए डी कॉक ने वापसी के बाद वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान और भारत के खिलाफ खेले गए छह वनडे मैचों में उन्होंने 70.60 की औसत से 353 रन बनाए हैं। वहीं आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम लगभग 140 की स्ट्राइक रेट से 187 रन दर्ज हैं।
अब 33 वर्षीय डी कॉक की नजरें आगामी टी20 वर्ल्ड कप पर हैं और वह भारतीय परिस्थितियों के अपने अनुभव को टीम के काम में लाना चाहते हैं।
“मैं भारतीय हालात को अच्छी तरह जानता हूं। मैं कई सालों से भारत का दौरा करता आ रहा हूं। अगर अब तक मुझे परिस्थितियों की समझ नहीं है, तो कहीं न कहीं मैंने कुछ गलत किया है।
वर्ल्ड कप में मेरी भूमिका युवा खिलाड़ियों के साथ यह अनुभव साझा करने की होगी, खासकर उन खिलाड़ियों के साथ जिन्होंने कुछ मैदानों पर ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है,” उन्होंने कहा।
हाल ही में भारत दौरे पर दक्षिण अफ्रीका ने टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती थी और सीमित ओवरों में भी कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन डी कॉक का मानना है कि वर्ल्ड कप में फॉर्म ज्यादा मायने नहीं रखता।
“वर्ल्ड कप में फॉर्म का ज्यादा महत्व नहीं होता। मैंने देखा है कि खराब फॉर्म वाले खिलाड़ी भी बड़ा प्रदर्शन कर जाते हैं और शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी दबाव में संघर्ष करते हैं।
वर्ल्ड कप अलग होता है — दबाव, माहौल और दर्शकों की भीड़, खासकर भारत में, एक बिल्कुल अलग चुनौती होती है।”
अपनी शानदार फॉर्म का एक और उदाहरण देते हुए डी कॉक ने 41 गेंदों में 79 रनों की नाबाद पारी खेलकर सनराइजर्स ईस्टर्न केप को प्रिटोरिया कैपिटल्स के खिलाफ 10 विकेट से जीत दिलाई। वह इस SA20 सीजन में चार मैचों में 205 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
SA20 लीग की बढ़ती लोकप्रियता पर खुशी जताते हुए डी कॉक ने कहा,
“सोमवार के मैच में भी स्टेडियम खचाखच भरा होना बताता है कि यह लीग कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट को लोग दिल से प्यार करते हैं और अपनी टीमों को समर्थन देने जरूर आते हैं।”
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