मोदी सरकार के प्रयासों से देश में नई खेल संस्कृति विकसित हुई: आदित्यनाथ

Gorakhpur: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath being felicitated during the inauguration of the Eastern Zone Inter-University Basketball (Women) Competition at Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University (DDUGU), in Gorakhpur, Friday, Jan. 16, 2026. (PTI Photo) (PTI01_16_2026_000166B)

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश), 16 जनवरी (पीटीआई) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि मोदी सरकार के तहत देश में एक नई खेल संस्कृति का विकास हुआ है।

उन्होंने यह टिप्पणी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में की।

आदित्यनाथ ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में हमने एक नई खेल संस्कृति के जन्म को देखा है। 2014 से पहले खेल और खेल प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं थीं। लोगों का मानना था कि यह प्राथमिकता का क्षेत्र नहीं है और इसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता था।”

उन्होंने कहा कि पहले खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था क्योंकि यहां का बुनियादी ढांचा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा, “लेकिन अब 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह की खेल संस्कृति विकसित की है, उसे देखना वास्तव में उल्लेखनीय है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसी पहलें एक स्वस्थ, फिट और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में मदद करेंगी।

मुख्यमंत्री ने 2036 ओलंपिक की भारत की मेजबानी की बोली का भी जिक्र करते हुए कहा कि उम्मीद है कि जब यह प्रतियोगिता देश में आयोजित होगी, तब भारत अधिकतम पदक जीतेगा।

उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आग्रह किया कि वे अपने यहां कम से कम एक खेल को अपनाएं और अच्छे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण दें। “यदि युवा खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो वे नशे की लत से दूर रहेंगे। इससे वे राष्ट्र निर्माण और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।” आदित्यनाथ ने शैक्षणिक संस्थानों से खेलों के माध्यम से अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में सार्थक भूमिका निभाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में खेलों को सशक्त बनाना ‘विकसित भारत’ विजन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य ने कई ऐतिहासिक पहलें की हैं। उत्तर प्रदेश की पहली खेल विश्वविद्यालय की स्थापना मेरठ में की गई है, जो खेल उपकरण निर्माण का भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इन उत्पादों को ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिला है।”

आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में खेल अवसंरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदानों और ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर पूर्ण विकसित स्टेडियमों का निर्माण तेज गति से चल रहा है।

खेलों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए सरकार ने राज्य भर में 96,000 से अधिक युवा और महिला समूहों को खेल किट वितरित किए हैं।

खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार की मजबूत सहायता प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक खेलों में उत्तर प्रदेश से भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।

व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को 6 करोड़ रुपये और एक क्लास-वन सरकारी नौकरी दी जाती है, जबकि टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये मिलते हैं।

व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व चैंपियनशिप के विजेताओं को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष सरकारी रोजगार दिया जा चुका है, जिनमें उप पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार और क्षेत्रीय खेल अधिकारी जैसे पद शामिल हैं।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, “खेल राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी हैं।”

विश्वविद्यालय में आयोजित हो रहे बास्केटबॉल टूर्नामेंट के बारे में उन्होंने कहा, “14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की महिला खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ यह आयोजन उभरती प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।”

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