मोदी सरकार ने महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों को कैसे सशक्त किया: बीजेपी अध्यक्ष नड्डा

Modi

बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं, किसानों और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं, जबकि अन्य दलों ने केवल बात की। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आर्थिक प्रगति के रास्ते पर डाला गया और 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया।

महिलाओं के लिए प्रमुख योजनाएँ

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY): 10 करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन और सब्सिडी दी गई, जिससे महिलाओं को स्वच्छ ईंधन और स्वास्थ्य लाभ मिला।
  • जन धन योजना: महिलाओं के बैंक खाते खोलने में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, जिससे वित्तीय स्वतंत्रता मिली।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: बालिकाओं की शिक्षा और लिंगानुपात में सुधार के लिए अभियान चलाया गया।
  • मिशन शक्ति, महिला शक्ति केंद्र, स्टैंड अप इंडिया, मुद्रा योजना: इन योजनाओं के माध्यम से महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर दिए गए।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना: चार करोड़ पक्के घर बनाए गए, जिनका लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला।

किसानों और वंचित वर्गों के लिए पहल

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: किसानों को प्रतिवर्ष सीधी नकद सहायता दी जाती है।
  • मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना: किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने के लिए योजनाएँ लागू की गईं।
  • 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज: कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया।

सामाजिक प्रभाव

  • 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण: स्वच्छ भारत अभियान के तहत महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
  • महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी: पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया।

आलोचनाएँ और चुनौतियाँ

हालांकि सरकार ने कई योजनाएँ शुरू की हैं, कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि महिला श्रम भागीदारी दर (FLFPR) में गिरावट आई है और महिलाओं की सुरक्षा व समानता के मुद्दे अभी भी चुनौती बने हुए हैं।

निष्कर्ष

मोदी सरकार ने महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के लिए कई योजनाएँ लागू की हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा में लाना और सशक्त बनाना है। हालांकि, इन पहलों की प्रभावशीलता और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आती रही है।