म्यांमार मानव तस्करी मामले में 3 आरोपियों के खिलाफ NIA की चार्जशीट

Srinagar: Security personnel keep vigil as National Investigation Agency (NIA) conducts raid, on the outskirts of Srinagar, Monday, Feb. 2, 2026. (PTI Photo/S Irfan)(PTI02_02_2026_000209B)

नई दिल्ली, 19 फरवरी (पीटीआई) — National Investigation Agency (एनआईए) ने म्यांमार आधारित मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी रैकेट के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह का निशाना ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के नागरिक थे। आरोपियों में एक फरार संदिग्ध चीनी नागरिक भी शामिल है।

हरियाणा के पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में बुधवार को दायर चार्जशीट में एजेंसी ने कहा कि उसने “तस्करों और दलालों के एक सुव्यवस्थित नेटवर्क” का पर्दाफाश किया है।

आरोपी — अंकित कुमार उर्फ अंकित भारद्वाज, इश्तिखार अली उर्फ अली और फरार चीनी नागरिक लिसा — के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और प्रवासन अधिनियम की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एनआईए ने अपने बयान में कहा, “जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी अपने ज्ञात और अज्ञात सहयोगियों के साथ मिलकर भारतीय युवाओं को म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र में तस्करी कर ले जाने में शामिल थे।”

एजेंसी, जिसने यह मामला हरियाणा पुलिस से अपने हाथ में लिया था, ने बताया कि आरोपी बिना लाइसेंस भारतीय नागरिकों की विदेश में भर्ती करने से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में आपराधिक गतिविधियों के लिए पीड़ितों को अवैध रूप से स्थानांतरित करने तक विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे।

एनआईए के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अंकित कुमार और इश्तिखार अली ने भारतीय युवाओं को थाईलैंड में “वैध नौकरी” का लालच देकर फंसाया और म्यांमार में मौजूद चीनी नागरिक लिसा के साथ उनकी ऑनलाइन साक्षात्कार की व्यवस्था की।

बयान में कहा गया, “पीड़ितों को लिसा को एक वास्तविक भर्ती एजेंट के रूप में प्रस्तुत कर धोखा दिया गया और उन्हें विश्वास दिलाया गया कि उन्हें थाईलैंड में सुरक्षित नौकरी दी जाएगी।” इसके बाद आरोपियों ने पीड़ितों को भारत से थाईलैंड के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार पहुंचाने की व्यवस्था की।

म्यांमार पहुंचने पर तस्करी कर लाए गए युवाओं को साइबर ठगी कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर किया गया।

एनआईए ने कहा, “उन्हें फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने और अमेरिका, ब्रिटेन तथा कनाडा के लोगों से संपर्क कर उन्हें धोखाधड़ी वाले क्रिप्टोकरेंसी ऐप्स में निवेश के लिए राजी करने को कहा जाता था।”

एजेंसी ने बताया कि “इंकार करने पर पीड़ितों को बंधक बनाकर काम जारी रखने के लिए मजबूर किया जाता था” और रिहाई के लिए उनसे “भारी रकम” भी वसूली जाती थी।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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