
नई दिल्ली, 18 जुलाई (पीटीआई) सुप्रीम कोर्ट को शुक्रवार को सूचित किया गया कि यमन में हत्या के आरोप में मौत की सज़ा काट रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी पर रोक लगा दी गई है।
केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि इस मामले में “प्रयास जारी हैं”।
शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रिया सुरक्षित वापस आ जाए।
पीठ ने कहा, “वे (सरकार) हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें पहले क्षमादान प्राप्त करना होगा और उसके बाद “रक्तदान” का मुद्दा आएगा।
याचिकाकर्ता ने अदालत को सूचित किया कि फांसी स्थगित कर दी गई है।
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त के लिए निर्धारित की।
सर्वोच्च न्यायालय यमन में फांसी की सज़ा का सामना कर रही 38 वर्षीय प्रिया को बचाने के लिए राजनयिक माध्यमों का उपयोग करने का केंद्र को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
पहले यह फाँसी 16 जुलाई को तय की गई थी।
केरल के पलक्कड़ ज़िले की एक नर्स प्रिया को 2017 में अपने यमनी बिज़नेस पार्टनर की हत्या का दोषी ठहराया गया था। उसे 2020 में मौत की सज़ा सुनाई गई और उसकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई।
वह वर्तमान में यमन की राजधानी सना की एक जेल में कैद है। पीटीआई एबीए एबीए डीवी डीवी
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