‘यह मेरे बच्चे की जीत है’: 7 महीने की गर्भवती दिल्ली पुलिस कांस्टेबल ने वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (पीटीआई): दिल्ली पुलिस की कांस्टेबल सोनिका यादव के लिए, इस महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय पुलिस वेटलिफ्टिंग क्लस्टर 2025-26 में जीता गया कांस्य पदक महज़ एक एथलेटिक उपलब्धि से कहीं अधिक था; यह दृढ़ संकल्प और साहस की जीत थी।

गर्भावस्था में उल्लेखनीय उपलब्धि

  1. रिकॉर्ड तोड़ जीत: उत्तरी जिला सामुदायिक पुलिसिंग सेल की 30 वर्षीय कांस्टेबल ने 17 अक्टूबर को कुल 145 किलोग्राम भार उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी जीत इसलिए और भी remarkable (उल्लेखनीय) थी क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि सात महीने की गर्भवती होते हुए हासिल की।
  2. शारीरिक और मानसिक तैयारी: यादव, जो पिछले तीन वर्षों से पावर-लिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भाग ले रही हैं, ने कहा कि उनके प्रशिक्षण और अनुशासन ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार रहने में मदद की।
  3. बच्चे पर प्रभाव: उन्होंने पीटीआई को बताया, “मैंने अपनी गर्भावस्था के दौरान 145 किलो वजन उठाया, लेकिन यह मेरी सामान्य क्षमता से कम था। इसीलिए न तो मेरी गर्भावस्था और न ही मेरे बच्चे पर कोई असर पड़ा।”

डॉक्टर और परिवार का समर्थन

  1. चिकित्सकीय सलाह: प्रतियोगिता के प्रशिक्षण के दौरान ही यादव को अपनी गर्भावस्था का पता चला। अपने डॉक्टर से सलाह लेने पर, उन्हें अपना वर्कआउट जारी रखने लेकिन अपनी सीमाओं को न धकेलने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा, “मेरे डॉक्टर ने मुझे बताया कि मैं अभ्यास जारी रख सकती हूँ क्योंकि मेरा शरीर और गर्भावस्था दोनों स्वस्थ थे, बस मुझे वजन कम करना था और सावधानी बरतनी थी।”
  2. परिवार की चिंता: शुरुआत में, उनके परिवार को उनके प्रतिस्पर्धा करने के फैसले पर चिंता थी। उन्होंने कहा, “मेरे पति चाहते थे कि मैं पीछे हट जाऊँ, लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं केवल अनुभव के लिए भाग लूंगी, पदक के लिए नहीं। उन्होंने मेरा पूरा समर्थन किया। मेरे कोच और डॉक्टर ने भी मेरे परिवार को समझाने में मदद की।”
  3. खुशी का क्षण: जब उन्होंने आखिरकार कांस्य पदक जीता, तो उनके परिवार का गर्व स्पष्ट था। कांस्टेबल ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरे भाई और भाभी ने कहा कि यह पदक हमारे भावी चैंपियन का है – चाहे वह लड़का हो या लड़की। यह मेरे लिए सबसे खुशी का क्षण था।”

प्रेरणा और संदेश

  1. मैरी कॉम से प्रेरणा: बॉक्सिंग दिग्गज मैरी कॉम से प्रेरणा लेते हुए, यादव ने कहा कि वह इस धारणा को चुनौती देना चाहती हैं कि महिलाएं शारीरिक रूप से कमज़ोर होती हैं। उन्होंने कहा, “मैरी कॉम पहले ही साबित कर चुकी हैं कि महिलाएं मजबूत और अदम्य हो सकती हैं। मैं भी उस धारणा को तोड़ना चाहती हूँ।”
  2. महिलाओं के लिए संदेश: यादव ने अन्य महिलाओं को संदेश देते हुए कहा, “हमारा शरीर और दिमाग हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। अगर हम स्वस्थ रहेंगे, तो हम अपने परिवार, बच्चों और काम की देखभाल कर सकते हैं। इसलिए, सबसे पहले अपने शरीर और स्वास्थ्य पर ध्यान दें – बाकी सब अपने आप हो जाएगा।”

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