
कीव, 9 नवंबर (एपी) — यूक्रेन के हमलों से रूस-यूक्रेन सीमा के पास स्थित रूस के दो प्रमुख शहरों में बिजली और हीटिंग की आपूर्ति बाधित हो गई है, स्थानीय रूसी अधिकारियों ने रविवार को बताया।
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर लगभग रोज़ाना हमले कर रहे हैं, जबकि अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे कूटनीतिक प्रयास लगभग चार साल से चल रहे युद्ध को रोकने में असफल रहे हैं।
वोरोनेझ और बेलगोरोद में बिजली गुल
वोरोनेझ क्षेत्र के गवर्नर अलेक्ज़ेंडर गूसेव ने बताया कि ड्रोन हमले के कारण शहर के कुछ हिस्सों में अस्थायी रूप से बिजली और हीटिंग बंद हो गई। उन्होंने कहा कि रात के दौरान कई ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम कर दिया गया, लेकिन इससे एक स्थानीय बिजली संयंत्र में आग लग गई, जिसे जल्द ही बुझा लिया गया।
रूसी और यूक्रेनी टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया कि हमला एक स्थानीय थर्मल पावर प्लांट को निशाना बनाने के लिए किया गया था।
शनिवार देर रात मिसाइल हमले से बेलगोरोद शहर की बिजली और हीटिंग व्यवस्था को भी “गंभीर नुकसान” पहुंचा, जिससे लगभग 20,000 घर प्रभावित हुए, स्थानीय गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लाडकोव ने बताया।
बेलगोरोद, जिसकी आबादी 2021 की जनगणना के अनुसार लगभग 3.4 लाख है, उसी नाम के क्षेत्र का प्रशासनिक केंद्र है।
रूस का दावा — 44 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसकी सेनाओं ने दक्षिण-पश्चिमी रूस के ऊपर उड़ रहे 44 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट या अवरोधित कर दिया। हालांकि, मंत्रालय ने वोरोनेझ या बेलगोरोद क्षेत्रों का कोई उल्लेख नहीं किया और न ही यह बताया कि कुल कितने ड्रोन दागे गए थे।
कई महीनों से यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन हमले रूस के तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहे हैं ताकि मॉस्को की तेल निर्यात से होने वाली आय को कम किया जा सके। वहीं, कीव और उसके पश्चिमी सहयोगी कहते हैं कि रूस यूक्रेन की बिजली व्यवस्था को पंगु बनाकर नागरिकों को चौथी बार सर्दियों में ठंड, अंधकार और पानी की कमी से जूझने पर मजबूर कर रहा है — इसे यूक्रेनी अधिकारियों ने “ठंड को हथियार बनाना” कहा है।
परमाणु संयंत्रों की बिजली आपूर्ति पर खतरा
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बताया कि शुक्रवार को रूस के बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमलों ने उन पावर सबस्टेशनों को निशाना बनाया जो यूक्रेन के दो परमाणु संयंत्रों — खमेल्नित्सकी और रिव्ने — को बिजली आपूर्ति करते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “रूस ने फिर से इन संयंत्रों को बिजली देने वाले सबस्टेशनों को निशाना बनाया। यह आकस्मिक नहीं बल्कि सुनियोजित हमले थे। रूस जानबूझकर यूरोप की परमाणु सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।”
सिबिहा ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के गवर्नर्स बोर्ड की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।
पिछले साल रूस के भारी हमलों के बाद यूक्रेनी ऊर्जा मंत्रालय की इस बात पर आलोचना हुई थी कि उसने परमाणु संयंत्रों के पास स्थित अपने सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं की।
लावरोव बोले — “रूबियो से मिलने को तैयार”
इसी बीच, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रविवार को कहा कि वे अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलने और यूक्रेन युद्ध तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।
लावरोव ने रूस की सरकारी एजेंसी ‘रिया’ से कहा, “विदेश मंत्री मार्को रूबियो और मैं नियमित संवाद की आवश्यकता को समझते हैं।”
उन्होंने दोहराया कि शांति तब तक संभव नहीं है जब तक “रूस के हितों को ध्यान में नहीं रखा जाता,” — यह वाक्यांश मॉस्को द्वारा अपने अधिकतमवादी रुख को दर्शाने के लिए अक्सर इस्तेमाल किया जाता है।
(एपी) एसकेएस एसकेएस
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