
वॉशिंगटन, 21 नवंबर (AP):
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 28-सूत्रीय योजना का मसौदा कीव में प्रस्तुत किया गया है।
यह मसौदा अमेरिका और रूस दोनों ने मिलकर तैयार किया है, और इसमें कई ऐसे बिंदु हैं जो रूस के लिए अधिक अनुकूल माने जा रहे हैं — जैसे कि यूक्रेन द्वारा क्षेत्र छोड़ना, नाटो में शामिल न होना, इत्यादि।
एसोसिएटेड प्रेस ने इस मसौदे की प्रति प्राप्त की है।
नीचे ट्रम्प की प्रस्तावित योजना के सभी 28 बिंदु ज्यों-का-त्यों दिए जा रहे हैं:
ट्रम्प का 28-सूत्रीय प्रस्ताव (शब्दशः):
- यूक्रेन की संप्रभुता की पुष्टि की जाएगी।
- रूस, यूक्रेन और यूरोप के बीच एक व्यापक अ-आक्रमण संधि होगी। पिछले 30 वर्षों की सभी अस्पष्टताओं को सुलझा हुआ माना जाएगा।
- रूस पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा और नाटो आगे विस्तार नहीं करेगा।
- अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और नाटो के बीच संवाद होगा ताकि सुरक्षा मुद्दे सुलझें और तनाव घटे।
- यूक्रेन को विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी मिलेगी।
- यूक्रेन की सेना की अधिकतम संख्या 6 लाख तक सीमित होगी।
- यूक्रेन संविधान में लिखेगा कि वह नाटो में शामिल नहीं होगा, और नाटो अपने नियमों में दर्ज करेगा कि यूक्रेन को कभी शामिल नहीं किया जाएगा।
- नाटो यूक्रेन में सैनिक तैनात नहीं करेगा।
- यूरोपीय लड़ाकू विमान पोलैंड में तैनात होंगे।
- अमेरिका की सुरक्षा गारंटी:
- इसके लिए यूक्रेन को अमेरिका को पारिश्रमिक देना होगा।
- यदि यूक्रेन रूस पर हमला करता है, तो गारंटी समाप्त हो जाएगी।
- यदि रूस यूक्रेन पर हमला करता है, तो वैश्विक प्रतिबंध वापस लगाए जाएंगे और इस समझौते से मिलने वाले सभी लाभ रद्द होंगे।
- अगर यूक्रेन बिना कारण मॉस्को या सेंट पीटर्सबर्ग पर मिसाइल दागता है, तो सुरक्षा गारंटी अमान्य होगी।
- यूक्रेन यूरोपीय संघ में सदस्यता का पात्र होगा और अस्थायी रूप से यूरोपीय बाजार तक विशेष पहुंच पाएगा।
- यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए वैश्विक पैकेज:
- तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में निवेश हेतु यूक्रेन डेवलपमेंट फंड बनाया जाएगा।
- अमेरिका यूक्रेन के गैस पाइपलाइन, स्टोरेज आदि का निर्माण और आधुनिकीकरण में साझेदारी करेगा।
- युद्धग्रस्त क्षेत्रों का पुनर्वास, बुनियादी ढांचा विकास, खनिज संसाधनों का दोहन आदि शामिल होंगे।
- विश्व बैंक इसके लिए विशेष वित्तीय पैकेज बनाएगा।
- रूस को वैश्विक अर्थव्यवस्था में पुन: शामिल करना:
- प्रतिबंध चरणबद्ध ढंग से हटाए जाएंगे।
- अमेरिका और रूस ऊर्जा, एआई, आर्कटिक प्रोजेक्ट आदि में दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग समझौता करेंगे।
- रूस को G8 में शामिल किया जाएगा।
- रूसी फंडों का उपयोग:
- रूस की जमी हुई 100 अरब डॉलर राशि यूक्रेन के पुनर्निर्माण में लगेगी।
- अमेरिका इस निवेश से 50% मुनाफा प्राप्त करेगा।
- यूरोप भी 100 अरब डॉलर जोड़ेगा।
- बाकी रूसी फंड एक अलग यूएस-रूस निवेश फंड में जाएंगे, जिसका उद्देश्य संबंध सुधारना होगा।
- सुरक्षा मुद्दों के लिए अमेरिका-रूस संयुक्त कार्य समूह बनाया जाएगा।
- रूस कानून में अपने गैर-आक्रमण नीति को दर्ज करेगा।
- अमेरिका और रूस परमाणु हथियार नियंत्रण संधियों (जैसे START I) को आगे बढ़ाने पर सहमत होंगे।
- यूक्रेन NPT के तहत गैर-परमाणु राष्ट्र बना रहेगा।
- ज़ापोरिज्ज़िया परमाणु संयंत्र IAEA की निगरानी में चलेगा, और विद्युत उत्पादन रूस-यूक्रेन के बीच 50-50 बंटेगा।
- दोनों देश सांस्कृतिक सहनशीलता और भेदभाव समाप्त करने के लिए शिक्षा कार्यक्रम चलाएंगे:
- यूक्रेन धार्मिक और भाषा अल्पसंख्यक संरक्षण के EU नियम अपनाएगा।
- दोनों पक्ष मीडिया और शिक्षा पर भेदभाव समाप्त करेंगे।
- नाज़ी विचारधारा प्रतिबंधित होगी।
- क्षेत्रीय प्रावधान:
- क्रीमिया, लुहान्स्क और दोनेत्स्क को रूस के नियंत्रण में माना जाएगा।
- खेरसॉन और ज़ापोरिज्ज़िया लाइन ऑफ कॉन्टैक्ट पर फ्रीज़ होंगे।
- रूस पाँच क्षेत्रों से बाहर के कुछ कब्जे वाले हिस्से छोड़ देगा।
- यूक्रेन दोनेत्स्क के अपने हिस्से से हटेगा, जिसे एक निषैन्य-buffer-zone घोषित किया जाएगा।
- रूसी सेना इस ज़ोन में प्रवेश नहीं करेगी।
- दोनों पक्ष मान्य सीमाओं को बलपूर्वक नहीं बदलेंगे।
- रूस यूक्रेन को ड्नीपर नदी व ब्लैक सी में व्यापारिक गतिविधियाँ करने देगा।
- एक मानवीय समिति गठित होगी, जिसमें शामिल होगा:
- सभी कैदियों व मृतकों का “सबके बदले सब” विनिमय,
- सभी नागरिक बंधकों की वापसी,
- परिवार पुनर्मिलन कार्यक्रम,
- पीड़ितों के लिए राहत।
- यूक्रेन 100 दिनों में चुनाव कराएगा।
- इस युद्ध से जुड़े सभी पक्ष पूर्ण आम माफी पाएंगे और कोई कानूनी दावा नहीं होगा।
- यह समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा, जिसकी निगरानी डोनाल्ड जे. ट्रम्प के नेतृत्व वाले पीस काउंसिल द्वारा की जाएगी। उल्लंघन पर प्रतिबंध लगेंगे।
- सभी पक्ष सहमत होते ही युद्धविराम लागू होगा और दोनों सेनाएँ सहमत स्थानों पर पीछे हटेंगी।
(AP) GRS GRS
