बलिया (उत्तर प्रदेश), 21 जनवरी (पीटीआई) बलिया ज़िले में सदर तहसीलदार न्यायालय के एक क्लर्क सहित दो लोगों के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी भूमि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) आदेश तैयार करने और संबंधित केस फाइल गायब करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है, अधिकारियों ने बुधवार को बताया।
पुलिस के अनुसार, बलिया सिटी कोतवाली ने मंगलवार को सदर तहसीलदार अतुल हर्ष की शिकायत पर सदर तहसीलदार न्यायालय के क्लर्क शाहिद खान और बजहा गांव निवासी अक्षय बरनाथ तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि सदर तहसीलदार ने अपनी शिकायत में कहा कि बजहा गांव के नरवदेश्वर तिवारी की शिकायत के बाद एक जांच समिति गठित की गई थी। इस समिति में सहायक अभिलेख अधिकारी धर्मेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार भोला शंकर राय शामिल थे।
जांच रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि खान ने तिवारी के साथ मिलीभगत कर एक फर्जी दाखिल-खारिज आदेश तैयार किया और संबंधित फाइल को जानबूझकर गायब कर दिया।
एफआईआर के अनुसार, दाखिल-खारिज आदेश 29 मार्च 2025 को जारी दिखाया गया, जबकि न तो संबंधित केस फाइल न्यायालय के अभिलेखों में उपलब्ध थी और न ही वह फाइलिंग कार्यालय में दर्ज थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने 5 जनवरी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, पुलिस ने बताया।
सिटी क्षेत्राधिकारी (डिप्टी एसपी) मोहम्मद उस्मान ने बुधवार को बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीटीआई सीओआर केआईएस डीवी डीवी
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