रक्षा बजट 7.85 लाख करोड़ रुपये पर निर्धारित; चालू वित्त वर्ष की तुलना में 15% की बढ़ोतरी

New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after the presentation of the 'Union Budget 2026-27', in New Delhi, Sunday, Feb. 1, 2026. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI02_01_2026_000465B)

नई दिल्ली, 1 फरवरी (पीटीआई)

भारत ने रविवार को वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा क्षेत्र हेतु 7,84,678 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जो चालू वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से अधिक है। इसमें पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, क्योंकि चीन और पाकिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र सेना आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

“ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता” की पृष्ठभूमि में रक्षा बजट में की गई यह वृद्धि भारत की रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के हमारे संकल्प को सुदृढ़ करती है, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा। कुल रक्षा बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

कुल आवंटन में से 2,19,306 करोड़ रुपये सशस्त्र बलों के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में निर्धारित किए गए हैं, जिसमें नए हथियार, विमान, युद्धपोत और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद शामिल है। यह पूंजीगत व्यय चालू वित्त वर्ष के बजटीय अनुमान 1.80 लाख करोड़ रुपये से 39,000 करोड़ रुपये से अधिक है। 2025-26 के लिए संशोधित पूंजीगत व्यय 1,86,454 करोड़ रुपये आंका गया है।

पूंजीगत व्यय के अंतर्गत 63,733 करोड़ रुपये विमान और एयरो इंजन के लिए, जबकि 25,023 करोड़ रुपये नौसेना बेड़े के लिए आवंटित किए गए हैं। राजस्व व्यय 5,53,668 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें पेंशन के लिए 1,71,338 करोड़ रुपये शामिल हैं।

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नागरिक, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक घटकों और पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा रखरखाव, मरम्मत या ओवरहाल (एमआरओ) के लिए उपयोग होने वाले विमान पुर्जों के निर्माण हेतु आयातित कच्चे माल पर भी मूल सीमा शुल्क माफ करने की घोषणा की। इन दोनों फैसलों से रक्षा एयरोस्पेस उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बजट का “सबसे महत्वपूर्ण” पहलू तीनों सेनाओं का आधुनिकीकरण है। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया।”

उन्होंने आगे कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद आया यह बजट देश की रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के हमारे संकल्प को और सुदृढ़ करता है।”

सिंह ने बताया कि सशस्त्र बलों के कुल पूंजीगत व्यय के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। “इस बजट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू हमारी तीनों सेनाओं का आधुनिकीकरण है। इसके लिए इस वर्ष 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है,” उन्होंने कहा।

“इस वृद्धि के परिणामस्वरूप हमारी सैन्य क्षमता और अधिक सशक्त होगी,” उन्होंने जोड़ा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस बजट में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी महत्व दिया गया है। “एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम के तहत 12,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो चालू वर्ष की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा, “यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन को मजबूत करता है।”

बजट में रक्षा के लिए किया गया आवंटन 2026-27 के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग दो प्रतिशत है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह रक्षा व्यय आधुनिकीकरण, तकनीकी नवाचार और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सुव्यवस्थित खरीद प्रक्रिया पर केंद्रित है।

पीटीआई

एमपीबी आरटी आरटी