रक्षा मंत्रालय ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 10 पूंजीगत अधिग्रहण परियोजनाओं को मंजूरी दी

नई दिल्ली, 3 जुलाई (पीटीआई):

भारत ने गुरुवार को लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली सैन्य हार्डवेयर और प्लेटफॉर्म की कई पूंजीगत अधिग्रहण परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें भारतीय नौसेना के लिए 44,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 12 माइन काउंटर-मेजर वेसल्स (MCMVs) की खरीद शामिल है।

ये महत्वपूर्ण खरीद परियोजनाएँ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा मंजूर की गईं।

परिषद ने स्वदेशी स्रोतों से लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये की 10 पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को प्रारंभिक मंजूरी (Acceptance of Necessity – AoN) दी है।

पिछले 15 वर्षों में कम से कम तीन बार MCMV खरीदने के प्रयास विफल हो चुके थे। लगभग सात साल पहले दक्षिण कोरियाई रक्षा कंपनी के साथ बातचीत भी सफल नहीं हो पाई थी।

फिलहाल भारतीय नौसेना के पास कोई भी माइन काउंटर-मेजर वेसल नहीं है, जबकि ये जहाज समुद्री खदानों की पहचान, ट्रैकिंग और नष्ट करने के लिए बेहद जरूरी हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, ये MCMVs भारत में ही निर्मित किए जाएंगे।

DAC ने इन परियोजनाओं के अलावा बख्तरबंद रिकवरी वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, तीनों सेनाओं के लिए एकीकृत सामान्य इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी दी है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “इन खरीदों से सशस्त्र बलों की गतिशीलता, प्रभावी वायु रक्षा, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और परिचालन तत्परता में वृद्धि होगी।”

इसके अलावा, मूरड माइंस, सुपर रैपिड गन माउंट और सबमर्सिबल ऑटोनोमस वेसल्स की खरीद को भी मंजूरी दी गई है, जिससे नौसेना और व्यापारिक जहाजों को संभावित खतरों से बचाया जा सकेगा।

मंत्रालय ने कहा, “स्वदेशी डिज़ाइन और विकास को और बढ़ावा देने के लिए AoN ‘Buy (Indian–Indigenously Designed, Developed and Manufactured)’ श्रेणी के तहत दी गई है।”

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