
पणजी, 4 जनवरी (पीटीआई): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को गोवा में भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) के जहाज ‘समुद्र प्रताप’ को कमीशन करेंगे। यह दो प्रदूषण नियंत्रण जहाजों में से पहला है।
यह पोत तेल रिसाव का पता लगाने के लिए उन्नत प्रणालियों से लैस है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के भीतर और उससे आगे व्यापक प्रदूषण प्रतिक्रिया अभियान संचालित किए जा सकेंगे।
भारतीय तटरक्षक के अनुसार, “यह उच्च सटीकता वाले अभियानों में सक्षम है, गाढ़े तेल से प्रदूषकों की रिकवरी कर सकता है, दूषित तत्वों का विश्लेषण कर सकता है और दूषित पानी से तेल को अलग कर सकता है।”
आईसीजी ने कहा कि रक्षा मंत्री सिंह सोमवार को दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में ‘समुद्र प्रताप’ को कमीशन करेंगे।
इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
आईसीजी के अनुसार, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस जहाज में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
114.5 मीटर लंबा और 4,200 टन वजनी यह पोत 22 नॉट्स से अधिक की गति और 6,000 नौटिकल मील की सहनशीलता रखता है, जिससे आईसीजी की प्रदूषण प्रतिक्रिया, अग्निशमन तथा समुद्री सुरक्षा और संरक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आईसीजी के मुताबिक, यह जहाज अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जिसमें 30 मिमी सीआरएन-91 गन, एकीकृत फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ दो 12.7 मिमी स्टेबलाइज़्ड रिमोट-कंट्रोल्ड गन, स्वदेशी रूप से विकसित इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम, ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम और उच्च क्षमता वाली बाहरी अग्निशमन प्रणाली शामिल हैं।
यह जहाज आईसीजी के कोच्चि बेस पर तैनात रहेगा।
पीटीआई आरपीएस जीके
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