
रमेश ने नेहरू को ‘असाधारण संस्थान निर्माता’ बताया, एससी जज को लिखे उनके माफीनामे का किया उल्लेख
नई दिल्ली, 13 फरवरी (पीटीआई) कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को “असाधारण संस्थान निर्माता” बताया और यह याद किया कि 1959 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विवियन बोस को माफीनामा लिखा था।
रमेश ने एक्स पर कहा, “कार्यपालिका और न्यायपालिका के संबंधों पर बहुत चर्चा होती है। यहां 26 जून, 1959 को प्रधानमंत्री द्वारा जस्टिस विवियन बोस—जो उस समय सुप्रीम कोर्ट में थे—को लिखा गया एक असाधारण माफीनामा है। नेहरू वास्तव में कितने असाधारण संस्थान निर्माता थे!” और उन्होंने बोस को नेहरू का पत्र साझा किया।
जस्टिस बोस को लिखे अपने पत्र में नेहरू ने लिखा था, “पिछले कई दिनों से मैं लगातार यात्रा पर रहा हूं। मेरा इरादा था कि मैं आपसे पहले ही उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई कुछ टिप्पणियों के संबंध में लिखूं, लेकिन लगातार यात्रा के कारण ऐसा नहीं कर सका।” “कुछ दिन पहले जब मैं त्रिवेंद्रम में था, तब मुझे कलकत्ता बार लाइब्रेरी क्लब के मानद सचिव का एक पत्र मिला, जिसमें उन्होंने कलकत्ता बार की बैठक में पारित एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें आपके बारे में मेरी कुछ टिप्पणियों को अस्वीकार किया गया था। जैसे ही मुझे यह पत्र मिला, मैंने कलकत्ता बार लाइब्रेरी क्लब के सचिव को उत्तर भेजा,” नेहरू ने कहा था।
तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कहा था, “मैं इस संबंध में इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में संबोधित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई अपनी टिप्पणियों के लिए व्यक्तिगत रूप से आपसे गहरा खेद व्यक्त करना चाहता हूं। मुझे पूरी तरह एहसास है कि वे टिप्पणियां अनुचित थीं और मुझे उन्हें नहीं कहना चाहिए था।”
नेहरू ने कहा था कि उनसे पूछे गए प्रश्नों ने उन्हें कुछ हद तक अप्रस्तुत कर दिया था और उस समय वे कई अन्य बातों के बारे में भी सोच रहे थे।
“मुझे विश्वास है कि आप मेरी इस अनुचितता के लिए की गई मेरी क्षमा याचना स्वीकार करेंगे,” नेहरू ने कहा था। पीटीआई एएसके एएसके डीवी डीवी
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग्स: #swadesi, #News, रमेश ने नेहरू को ‘असाधारण संस्थान निर्माता’ बताया, एससी जज को लिखे उनके माफीनामे का किया उल्लेख
