
लखनऊ, 9 जनवरी (PTI) — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश अब रक्षा निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। राज्य के छह डिफेंस कॉरिडोर नोड्स में 34,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है, जो भारत के हथियार और गोला-बारूद उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक बदलाव को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह यह बातें अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत अब हथियार, मिसाइल या रक्षा उपकरणों के लिए अन्य देशों पर निर्भर नहीं है, क्योंकि इन्हें अब देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में, निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रक्षा कॉरिडोर लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में फैला है और यहां बड़े पैमाने पर फाइटर एयरक्राफ्ट से जुड़े हथियार, गोला-बारूद और उपकरण तैयार किए जा रहे हैं।
“मुझे बताया गया है कि इन डिफेंस कॉरिडोर नोड्स में लगभग 34,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है,” उन्होंने कहा।
उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और डिफेंस यूनिट और रोजगार संवर्धन नीति का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि राज्य को बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादन के लिए विकसित किया जा रहा है। नीति का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में भारी निवेश आकर्षित करना और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना है, ताकि लोग बाहर जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर रोजगार पा सकें।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस फैक्ट्री स्थापित की जा चुकी है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल बनाई जाती हैं, जिनकी क्षमता ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित हुई।
सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भूमि आवंटन, समय पर मंजूरी और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि राज्य की “डबल-इंजन” सरकार ने स्पष्ट और उद्योग-मित्र नीतियों के जरिए विकास को गति दी है।
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