
नई दिल्ली, 20 अगस्त (PTI) भारत के सैन्य अधिकारी “ऑपरेशन सिंदूर” के अनुभव सहित सीमाओं पर मिली “कठिन कमाई गई सीख” साझा करेंगे और सशस्त्र बलों में संयुक्तता बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। यह सब 26-27 अगस्त को होने वाले एक अग्रणी त्रि-सेवा संगोष्ठी ‘रंसंवाद 2025’ के दौरान होगा, जिसका विषय है — युद्ध पर प्रौद्योगिकी का प्रभाव। यह आयोजन मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी इसमें शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान तीन संयुक्त सिद्धांत (डॉक्ट्रिन) भी जारी किए जाएंगे, जिनमें एक हेलिबॉर्न ऑपरेशन पर होगा।
मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (HQ IDS) ने बुधवार को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर पर इस आयोजन का कर्टन-रेज़र ब्रीफिंग दी। लेफ्टिनेंट जनरल विपुल शिंगल, डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गेनाइजेशन एंड ट्रेनिंग) ने बताया कि दो दिवसीय सेमिनार का मुख्य फोकस होगा —
- उभरती प्रौद्योगिकियां और भविष्य के युद्ध पर उनका प्रभाव।
- तकनीकी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण में सुधार।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 27 अगस्त को संगोष्ठी में शामिल होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर का अनुभव भी चर्चा का हिस्सा होगा। यह सेमिनार मई में हुए इस सफल सैन्य अभियान के करीब साढ़े तीन महीने बाद हो रहा है।
CISC एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित ने अपने वीडियो संदेश में कहा — “आज के दौर में निर्णय की गति स्वयं एक हथियार है। हमें एक बल की तरह सोचना, प्रशिक्षण लेना और लड़ना होगा। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इसका प्रमाण है।”
उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त एवं क्वांटम सिस्टम सैन्य योजनाओं का हिस्सा हैं और रंसंवाद 2025 इन्हीं बदलावों को जमीनी हकीकत से जोड़ता है।
इस आयोजन में रक्षा सचिव आर.के. सिंह, DRDO प्रमुख समीर वी. कामत, तीनों सेनाओं के अधिकारी, दिग्गज सैनिक, अर्धसैनिक बलों के सदस्य, शोधकर्ता, रक्षा विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और विभिन्न देशों के रक्षा अताशे भी शामिल होंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, GOC-in-C, ARTRAC ने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना अधिकारी हालिया संघर्षों, विघटनकारी युद्ध तकनीकों, अंतरिक्ष और युद्धकला के एकीकरण, तथा प्रशिक्षण से जुड़े विचार साझा करेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने अप्रैल 22 को पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ढांचे पर निर्णायक सैन्य कार्रवाई की थी।
HQ IDS ने कहा कि यह मंच आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को समर्थन देते हुए भारतीय सेनाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
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