राष्ट्रपति भवन में पुतिन को मिला भव्य औपचारिक स्वागत

New Delhi: From left, President Droupadi Murmu, Russian President Vladimir Putin and Prime Minister Narendra Modi during the latter's ceremonial welcome at the Rashtrapati Bhavan, in New Delhi, Friday, Dec. 5, 2025. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI12_05_2025_000163B)

नई दिल्ली, 5 दिसंबर (PTI) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में भव्य औपचारिक स्वागत और तीनों सेनाओं की गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान की गई। इसके बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली महत्वपूर्ण शिखर वार्ता में शामिल होंगे, जिस पर पश्चिमी देशों की भी कड़ी नजर रहेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह स्वागत उस निजी रात्रिभोज के अगले दिन हुआ, जो प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित किया था।

औपचारिक स्वागत के बाद, पुतिन राजघाट पहुँचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

रूसी राष्ट्रपति गुरुवार शाम लगभग 7 बजे नई दिल्ली पहुँचे। यह उनकी चार साल में पहली भारत यात्रा है तथा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत की पहली यात्रा भी है।

मोदी खुद पुतिन को पालम एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुँचे और दोनों नेता सफेद SUV में साथ बैठकर प्रधानमंत्री के आवास तक गए। दोनों के बीच हुई यह अनौपचारिक बातचीत 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए माहौल बनाने में अहम मानी जा रही है। इस शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण समझौतों की उम्मीद है, जो दोनों देशों के समय-परीक्षित रिश्तों को और मजबूत करेंगे।

इस बैठक में रक्षा सहयोग को बढ़ाना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से मुक्त रखना और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में सहयोग जैसे मुद्दे केंद्र में रहेंगे।

रूसी राष्ट्रपति की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय हो रही है जब भारत–अमेरिका संबंधों में गिरावट देखी जा रही है।

मोदी–पुतिन वार्ता के बाद कई समझौते होने की संभावना है, जिनमें भारतीय श्रमिकों की रूस में आवाजाही को आसान बनाने वाला एक समझौता और रक्षा सहयोग के तहत लॉजिस्टिक सपोर्ट का एक और समझौता शामिल है।

व्यापार के क्षेत्र में उम्मीद है कि भारत से रूस को होने वाला निर्यात— विशेषकर दवा, कृषि, खाद्य उत्पाद और उपभोक्ता वस्तुओं— में बड़ी वृद्धि होगी।

वर्तमान में भारत का रूस से वार्षिक आयात लगभग 65 अरब डॉलर है, जबकि रूस का भारत से आयात केवल 5 अरब डॉलर के आसपास है। उर्वरक क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर बात होगी। रूस हर साल भारत को 3–4 मिलियन टन उर्वरक सप्लाई करता है।

दोनो पक्षों के बीच भारत और यूरेशियन इकनॉमिक यूनियन के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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